मुसीबत बनी नल-जल योजना

भू जल स्तर पहुंचा पाताल, पेयजल को परेशान ग्रामीण

भोपाल/अनूपपुर। मध्यप्रदेश में इस साल अधिकांश जिलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया है। ऐसे में नल-जल योजना प्रदेशवासियों के लिए मुसीबत बन गई है। इसका सबसे बुरा हाल अनूपपुर जिले में हो रहा है। अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही के चलते इस योजना पर ठीक से अमल नहीं हो पा रहा है, तो वहीं सरकार का ध्यान भी ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने से बजाए लोगों पर टैक्स का बोझ बढ़ाकर अपना राजस्व बढ़ाने पर अधिक है।

एक तरफ जिला प्रशासन ने जिले के जल अभाव ग्रस्त घोषित कर दिया है तथा अल्प वर्षा के कारण जलस्तर 22.74 मीटर नीचे पहुंच गया है। जिसके कारण जिले के चारो विकासखंड में जल संकट गहराने लगा है, बावजूद इसके जिला प्रशासन द्वारा विकासखंडो में बंद पड़ी नल-जल योजना तथा हैण्डपंपो को प्रारंभ किए जाने पर उदासीन रवैया अपनाए हुए है। जैतहरी जनपद अंतर्गत 49 नल-जल योजनाओं में आधे से अधिक नल-जल योजनाएं ट्रांसफार्मर निकाल लिए जाने, कम बोल्टेज, बिजली की सुचारू व्यवस्था न होना, पंप जलने, बिल जमा न होने तथा पाईप लाईन का विस्तार आधा अधूरा होने के कारण बंद पड़े है। यही स्थिति मध्यप्रदेश के अन्य जिलों में भी है।

पेयजल के लिए भटक रहे ग्रामीण

जैतहरी मुख्यालय से लगभग 5 किमी दूर स्थित ग्राम पंचायत सिवनी, दुलहरा, चकेठी, देवहरा, में में भी लगभग तीन माह से जल योजना बंद पड़ी है, वहीं सिवनी में पाईप लाईन का विस्तार अधूरा पड़ा होने के कारण लगभग 250 परिवार को पेयजल आपूर्ति के लिए अन्य साधनो को सहारा लेना पड़ता है, लेकिन पंचायत इस ओर किसी का ध्यान नही दे रही है, यही हाल दुलहरा तथा चकेटी ग्राम पंचायत का है जहां पर ग्रामीण इन दिनो पानी के लिए भटक रहे है।

बिना देख रेख ठप्प पड़ी योजना

जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत चार ग्राम पंचायतो सिवनी, दुलहरा, चकेठी तथा पसला में नल जल योजना बिना देखरेख के अभाव में बंद पड़ी हुई है, ग्राम पंचायत सिवनी में बंद पड़ी नल-जल योजना से सिवनी सहित आदर्श ग्राम के लगभग 200 से 250 परिवारों को इसकी सुविधा दी गई थी जहां पर पाईप लाइन का विस्तारीकरण भी पूरा हो चुका है लेकिन बिना देखरेख, ऑपरेट की कमी तथा बिजली कलेक्शन न होने के कारण ग्रामीणो को पेयजल उपलब्ध करा पाने में नाकाम साबित हो रही है।

जिम्मेदारी से बच रही पंचायत

ग्रामीण स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा नल-जल योजना के तहत ओव्हर हेड टैंक तथा घरो मंए नल कनेक्शन कराकर इसे ग्राम पंचायत को हस्तांतरित कर दिया था किन्तु ग्राम पंचायत दुलहरा तथा सिवनी के सरपंच-सचिव अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए पीएचई विभाग को ही मरम्मत के लिए जिम्मेदार बतला रही है। पंचायत भवन में लटकता हुआ ताला भी ग्रामीणो की समस्या को दोहरा कर देता है। इसी तरह वॉल्व मैन की मजदूरी का भुगतान सही समय पर नही किया जाने पर वे भी अपना हाथ खड़ा कर लेते है।

इनका कहना है

इस संबंध में मै जानकारी लेकर कार्यवाही के निर्देश देता हॅू।
राजेन्द्र त्रिपाठी, सीईओ जनपद पंचायत जैतहरी

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