पांच भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों की स्‍थापना के लिए संशोधि‍त लागत अनुमानों को कैबिनेट की स्‍वीकृति

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने कोलकाता, पुणे, मोहाली, भोपाल और तिरुवनंतपुरम में पांच भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थानों (आईआईएसईआर) की स्‍थापना करने के लिए 4799 करोड़ रुपये के संशोधि‍त लागत अनुमानों को अपनी स्‍वीकृति दे दी है, जबकि मूल रूप से अनुमोदित लागत 2,500 करोड़ रुपये की थी।

इन पांचों संस्थानों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। ऐसे में संशोधित लागत अनुमानों के अनुमोदन से मंत्रालय और इन संस्थानों के संचालक मंडलों के लिए कार्य गति को तेज करना संभव हो जाएगा। इसके साथ ही पूर्ण परिचालन वाले स्थायी परिसरों के निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा करना भी संभव हो जाएगा, जिनमें कुल मिलाकर 9275 छात्र, 928 संकाय और 1,020 गैर-शिक्षण स्टाफ होंगे। वर्ष 2018-19 तक यह संभव हो जाएगा।

ये संस्थान एक ही छतरी के नीचे पूर्व-स्नातक (अंडर ग्रैजुएट) शिक्षा, स्नातकोत्तर शिक्षा और अनुसंधान कार्य को एकीकृत कर देंगे। ये संस्थान अनुसंधान हेतु एक अनुकूल माहौल विकसित करने के लिए राष्ट्रीय प्रयोगशालाओं और अन्य अनुसंधान संस्थानों के साथ संवाद करेंगे। ये कठोर प्रशासनिक संरचना को बेहतर करने के साथ-साथ अंतर्विषयक शोध को भी प्रोत्‍साहित करेंगे।

बुनियादी विज्ञान के अनेक क्षेत्र अंतत: व्यावहारिक विज्ञान जैसे कि लेजर, सुपर चालकता, अर्धचालक (सेमीकंडक्‍टर), नैनो सामग्री इत्‍यादि के रूप में विकसित होंगे। इन क्षेत्रों में अनुसंधान से महत्वपूर्ण बौद्धिक संपदाएं सृजित हो सकती हैं, जिनमें अच्‍छा-खासा राजस्व पैदा करने की क्षमता है।

ये संस्थान बेहद सक्षम और प्रशिक्षित श्रम शक्ति सृजित करने में भी योगदान देंगे जो तकनीकी मानव संसाधन क्रांति के लिए एक प्रमुख उत्प्रेरक होगी, जिसका निश्‍चि‍त रूप से देश के आर्थिक विकास पर भी सकारात्‍मक असर पड़ेगा।

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