सहकारी केंद्रीय बैंक में घोटाला, 6.5 करोड़ की राशि का हिसाब नहीं दे पाई बैंक

भोपाल। मधयप्रदेश में सहकारिता विभाग के आंतरिक अंकेक्षण के दौरान रीवा स्थित जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के हिसाब-किताब में 6.5 करोड़ रुपए का घोटाला हुआ है। बैंक इतनी बड़ी रकम का हिसाब विभाग को नहीं दे पाई है। बताया जाता है कि उसके पास इसके कागजात ही उपलब्ध नहीं है, जिसके बाद सहकारिता विभाग ने इस धनराशि का हिसाब तलब करने के लिए बैंक प्रबंधन को नोटिस जारी किया है।

जानकारी के मुताबिक हाल में डाभौरा सहकारी बैंक में 16 करोड़ रुपए का जो घोटाला सामने आया था, उसकी जांच फिलहाल जारी है। इस मामले में 23 आरोपी जेल में है और सीआईडी की टीम इसकी जांच में जुटी हुई हैं। बताया जाता है कि राज्य का यह सबसे बड़े सहकारी बैंक घोटाला कर्मचारियों-अधिकारियों ने सोची-समझी रणनीति के तहत अंजाम दिया गया, इसके लिए एक सस्पेंस एकाउंट को निशाना बनाया, जिसमें रखी गई राशि का हिसाब नहीं मिला। बैंक में जब कोर बैंकिंग लागू की गई तो 16 करोड़ रुपए का घोटाला सामने आया।

डाभौरा शाखा के प्रबंधक रामकृष्ण मिश्रा के साथ मिलकर बैंक के कर्मचारियों-अधिकारियों ने घोटाले की राशि की बंदरबांट की और इसे कई खातों में डाला। अपेक्स बैंक की जांच में घोटाला प्रमाणित होने पर एफआईआर कराई गई और अब तक 12 करोड़ रुपए से ज्यादा वसूल भी हो चुके हैं। 23 आरोपी जेल में हैं, जबकि एक आरोपी जवा जनपद के पूर्व अध्यक्ष ब्रजेश उरमलिया फरार है। अब सहकारी बैंक से जुड़ा यह दूसरा घोटाला सामने आया है, जिसका खुलासा सहकारिता विभाग के आंतरिक अंकेक्षण् में हुआ। आयुक्त, सहकारिता मनीष श्रीवास्तव ने हिस बताया है कि अंकेक्षण में साढ़े छह करोड़ रुपए का हिसाब नहीं मिला है। मामला संदिग्ध है और इतनी बड़ी रकम की गड़बड़ी बैंक स्टाफ की मिलीभगत से हुई होगी।

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s