नवगठित जिलों में पृथक से जिला सहकारी बैंक खोलने पर होगा विचार मुख्यमंत्री सहकारी कृषक सहायता योजना शीघ्र परामर्शदात्री समिति की बैठक में मंत्री श्री भार्गव

सहकारिता मंत्री श्री गोपाल भार्गव ने कहा कि व्यावहारिक होने पर नवगठित जिलों में भी पृथक से जिला सहकारी बैंक की स्थापना की जा सकेगी, इस पर विचार किया जा रहा है। श्री भार्गव आज यहाँ विधानसभा समिति कक्ष में विभागीय परामर्शदात्री समिति की अध्यक्षता कर रहे थे। श्री भार्गव ने कहा कि प्रदेश के 38 जिला सहकारी बैंक में से 33 बैंक लाभ की स्थिति में है और समग्र रूप से उन्होंने 266.18 करोड़ का लाभ अर्जित किया है । सभी जिला सहकारी केन्द्रीय बैंको में कोर बैकिंग की सुविधा शुरू हुई है और बैंक के ग्राहकों तथा किसानों को एसएमएस एलर्ट की सुविधा के साथ एनईएफटी द्वारा धन राशि ट्रान्सफर की सुविधा मिलने लगी है। वर्तमान में सहकारी बैंकों के स्तर पर एटीएम स्थापित किये जाने की कार्यवाही की जा रही है। बैठक में समिति के सदस्य विधायक श्री नानाभाउ मोहोड़, श्री निलेश अवस्थी और श्री सचिन सुभाष चन्द्र यादव मौजूद थे। प्रमुख सचिव सहकारिता श्री अजीत केसरी और आयुक्त सहकारिता श्री मनीष श्रीवास्तव ने विभागीय उपलब्धियों से अवगत करवाया। बैठक में परामर्शदात्री समिति की पूर्व बैठक का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।

मंत्री श्री भार्गव ने परामर्शदात्री समिति के सदस्यों के विभिन्न सुझावों का क्रियान्वयन करने के निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये। उन्होंने कहा कि भण्डारण सुविधा की ऑनलाइन प्रक्रिया को और पारदर्शी बनाया जायेगा। श्री भार्गव ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री सहकारी कृषक सहायता योजना शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। इस योजना में कृषक हितग्राहियों को खाद-बीज इत्यादि के लिये अधिकतम 10 हजार रुपये का ऋण अनुदान मिलेगा। उदाहरण स्वरूप 1 लाख रुपये के ऐसे वस्तु ऋण के लिये उन्हें मात्र 90 हजार ऋण वापसी करना होगा।

प्रमुख सचिव श्री अजीत केसरी ने बताया कि सहकारी समितियों को वर्ष 2014-15 तक की देनदारियों का भुगतान राज्य सरकार द्वारा कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अब किसानों द्वारा ऋण वापसी करते ही राज्य अनुदान की राशि उनके खातों में भेज दी जायेगी। किसानों द्वारा जमा की गई फसल बीमा प्रीमियम राशि की रसीद और उन्हें दिये जाने वाले अनुदान की सूचना एसएमएस द्वारा तुरंत भेजने की व्यवस्था विभाग द्वारा शुरू की जा रही है। अब तक करीब 22 लाख किसानों के मोबाइल नंबर का डाटा संकलित किया जा चुका है। बैठक में मध्यप्रदेश तिलहन संघ सहित विभिन्न सहकारी संस्थान जो परि समापन की प्रक्रिया में हैं उनकी परिसम्पतियों के निपटान की प्रचलित कार्यवाहियों से भी अवगत करवाया गया।

आयुक्त सहकारिता श्री मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज दर पर अल्पकालीन फसलों के लिये ऋण देने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है और अब तक 11472 करोड़ का अल्पावधि फसल ऋण वितरण किया जा चुका है। प्रदेश में सहकारी समितियों द्वारा 52 लाख 8 हजार किसान क्रेडिट कार्ड वितरित किये गये हैं। किसान क्रेडिट योजना में किसानों को 30213 करोड की साख सीमा मंजूर की गई। सहकारिता विभाग की कार्यप्रणाली को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिये विभाग द्वारा वेबसाइट ई-कोऑपरेटिव्ह तैयार की गई है। इस वेबसाइट को प्रतिष्टित सी.एस.आई. निहिलेंट पुरस्कार सहित तीन महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं।

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