प्रदेश में पशुपालन, मत्स्य और रेशम उत्पादन को मिले बढ़ावा

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिये पशुपालन, मत्स्य एवं रेशम पालन को प्रोत्साहित किया जाये। किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध करवाई जाये। प्रत्येक जिले में निजी क्षेत्र में दो-दो मॉडल डेयरी स्थापित की जाये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस संबंध में चर्चा की। उन्होंने किसानों की आय अगले पाँच वर्ष में दोगुना करने की रणनीति पर व्यापक विचार-विमर्श किया। पशु ,कुक्कुट, मत्स्य एवं रेशम पालन के प्रस्तावित रोड मेप पर चर्चा की गई। इस मौके पर मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन, कुक्कुट, रेशम एवं मत्स्य-पालन किसानों की आमदनी बढ़ाने के सशक्त माध्यम हैं। इन क्षेत्रों में दुनिया में उपयोग की जाने वाली सर्वोत्तम तकनीक एवं विधि को प्रदेश में अपनाया जाये। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन ग्रामीणों की आमदनी बढ़ाने में बहुत सहायक है। पशु नस्ल सुधार, पशु आहार उपलब्धता एवं दूध की बिक्री आदि की और बेहतर व्यवस्थाएँ की जायें। उन्होंने प्रत्येक जिले में निजी क्षेत्र में कम से कम दो आदर्श डेयरी स्थापित करवाने के लिये अधिकारियों को कहा। उन्होंने कहा कि इन डेयरियों के माध्यम से अन्य पशु पालकों को पशुपालन के लिये प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।

बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी.श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव पशुपालन श्री प्रभांशु कमल, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव कुटीर एवं ग्रामोद्योग श्रीमती वीरा राणा, प्रमुख सचिव मत्स्य-पालन श्री अरूण तिवारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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