ग्रामीण अंचल में खेलों का आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं के आगे आने में सहायक

ग्रामीण अंचल में खेलों का आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं के आगे आने में सहायक

रीवा जिले की चार जनपद पंचायत हुई खुले में शौच मुक्त
मुख्यमंत्री स्वच्छता सम्मान समारोह एवं विधायक कप कबड्डी प्रतियोगिता में मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की उपस्थिति में आज रीवा जिले के जवा जनपद अन्तर्गत ग्राम अतरैला में मुख्यमंत्री स्वच्छता सम्मान समारोह एवं विधायक कप कबड्डी प्रतियोगिता 2017 का आयोजन हुआ। इस अवसर पर रीवा, सिरमौर, गंगेव और नईगढ़ी जनपद पंचायतों को खुले में शौच मुक्त घोषित किया गया।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण अंचल में होने वाले खेलों के आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को आगे आने में सहायक होते हैं। उन्होंने कहा कि शासन स्तर से ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिये बेहतर कोच और संसाधन मुहैया करवाने के सभी प्रयास किये जायेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि कबड्डी जैसे स्थानीय खेल के आयोजन के लिये विधायक बधाई के पात्र हैं। उन्होंने सिरमौर में कबड्डी खेल के लिये इनडोर स्टेडियम के निर्माण की घोषणा भी की।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गाँव और शहर को साफ-सुथरा और स्वच्छ बनाने का कर्त्तव्य प्रत्येक व्यक्ति का है। आज रीवा जिले की जो चार जनपदें खुले में शौच मुक्त हो रही हैं वहाँ के जन-प्रतिनिधि, ग्रामीणजन और प्रशासनिक अधिकारी बधाई के पात्र हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब जरूरत इस बात की है कि यहाँ सतत निगरानी हो और लोग शौचालयों का उपयोग करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में प्रत्येक व्यक्ति को आवास देने के उद्देश्य से ग्रामीण आवास कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। कार्यक्रम में रीवा जिले में इस वर्ष 38 हजार आवास बनाये जायेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों को पढ़ाई के लिये दूर न जाना पड़े, इस उद्देश्य से शिक्षा के क्षेत्र में विभिन्न विद्यालयों का उन्नयन और महाविद्यालयों की स्थापना की जा रही है। अब कक्षा 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक लाने वाले विद्यार्थी को उच्च शिक्षा हेतु प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रवेश पर लगने वाली फीस शासन द्वारा वहन की जायेगी। किसानों के लिये शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण सुविधा उपलब्ध करायी गयी है। नहरों का जाल बिछाकर असिंचित भूमि को सिंचित करने का कार्य प्राथमिकता से किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी और स्व-रोजगार योजनाओं का लाभ लेकर अपना स्वयं का उद्यम स्थापित करने के लिये आगे आकर स्वावलम्बी बनें।

दादी से सीखा भजन सुनाकर भक्तों को भावविभोर किया मुख्यमंत्री श्री चौहान ने

राजधानी के दशहरा मैदान में चल रही स्वामी श्री देवकीनंदन ठाकुर की श्रीमद् भागवत कथा के दौरान आज ऐसा क्षण भी आया जब कथा में शामिल हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने भगवान श्रीकृष्ण के व्यक्तित्व की दार्शनिक व्याख्या कर श्रद्धालुओं का मन जीत लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती साधना सिंह चौहान भी साथ थी।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ईश्वर को प्राप्त करने के तीन मार्ग हैं- ज्ञान मार्ग, भक्ति मार्ग और कर्म मार्ग। भक्तों को तीनों मार्गों में से एक चुनने की स्वतंत्रता है। प्रधानता समर्पण भाव की होना चाहिये।

श्री चौहान ने अपनी दादी से सीखा भजन ‘राम जपो रे मेरे भाई —‘ सुनाकर भक्तों को भावविभोर कर दिया। पंडाल में बैठे श्रद्धालुओं ने भजन दोहराया और श्रद्धा के साथ झूमकर नाचे।

स्वामी श्री देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि जिस प्रदेश में शिव राज करते हैं वह सुंदर और समृद्ध होता है। उन्होंने कहा कि विदयार्थियों को धर्मग्रंथों का अध्ययन करवाने से नैतिक रूप से सुदृढ चरित्र वाली पीढ़ी का निर्माण होगा।

इस अवसर पर राजस्व मंत्री श्री उमाशंकर गुप्ता, श्री अरूण यादव, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में कृष्ण भक्त उपस्थित थे।

पिंकी सिंह की एक झलक पाने के लिए उमडे युवा

पिंकी सिंह की एक झलक पाने के लिए उमडे युवा

हमारा मैट्रो संवाददाता
दौसा । बाॅलीवुड की उभरती अदाकारा पिंकी सिंह ने शहर में बाबूलाल पहाडिया डेन्टल हाॅस्पिटल का उद्घाटन किया। पिंकी सिंह के आॅटोग्राफ लेने और एक झलक पाने के लिए शहर के युवा उमड पडे। इस मौके पर राज्यसभा सांसद रामकुमार वर्मा, भाजपा के प्रदेश मंत्राी जगमोहन सिंह बघेल, राजस्थान राज्य लोक सेवा आयोग के पूर्व सदस्य विनोद बिहारी शर्मा, दौसा नगरपरिषद के सभापति राजकुमार जायसवाल, पूर्व विधायक मूलचन्द सामरिया, पूर्व विधायक भूधरमल वर्मा, अस्पताल संचालक डाॅ0 मनीष पहाडिया आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

पिंकी सिंह ने कहा कि इस निजी अस्पताल से क्षेत्रा के आमजन को आधुनिकतम चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। सांसद ने बताया कि राज्य सरकार की भामाशाह स्वास्थ्य बीमा योजना , आरोग्य राजस्थान, मुख्यमंत्राी निःशुल्क दवा योजना, मुख्यमंत्राी निःशुल्क जांच योजना से करोडों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। जगमोहन सिंह बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्राी श्रीमती वसुन्धरा राजे के नेतृत्व में राजस्थान बीमारू से विकसित राज्य की श्रेणी में आ गया है। विनोद बिहारी शर्मा ने कहा कि युवा सरकारी नौकरी के पीछे न भागे बल्कि खुद का उद्यम शुरू करें और दूसरे बेरोजगार युवाओं को नौकरी दें। नगरपरिषद सभापति ने स्वर्गीय बाबूलाल पहाडिया के आदर्श और जीवन को प्रेरणादायक बताया।

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बाॅलीवुड में कास्टिंग काउच से बचना खुद लडकी कीजिम्मेदारी-

उद्घाटन समारोह के बाद प्रेस वार्ता में बाॅलीवुड अदाकारा पिंकी सिंह ने बताया कि हर ़क्षेत्रा की तरह फिल्मी दुनिया में भी अच्छे और बुरे दोनो तरह के लोग हैं। शारीरिक शोषण से बचना न्यूकमर्स लडकियों की खुद की जिम्मेदारी है। सफलता का कोई शाॅर्ट कट नहीं होता। जो लडकियां फिल्मी दुनिया की चकाचैंध और ग्लैमर से प्रभावित होकर पढाई अधूरी छोड कर यहां आती हैं और समझाौते कर रातों रात स्टार बनना चाहती हैं, वे गलत हाथों में फंस कर अपनी जिन्दगी बर्बाद कर लेती हैं। लडकियां अपने अभिभावकों को राजी कर उनका आशीर्वाद लेकर पूरी तैयारी के साथ फिल्मी दुनिया में आये और स्ट्रगल से न घबरायें। ओलम्पिक में साक्षी मलिक और पी वी सिंधु द्वारा देश का मान बढाने पर पिंकी ने कहा कि आज बेटियों को बैशाखी का सहारा नहीं बराबरी का मौका चाहिये। वे हर क्षेत्रा में अपने आप को साबित कर रही है। बेटी बचाओ- बेटी पढाओ अभियान के लिए प्रधानमंत्राी नरेन्द्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा कि अब माहौल धीरे -धीरे ही सही , बदल रहा है। महिलाऐं अपने अधिकार, अपनी खुशियों के लिए जागरूक हो रही है।
पिंकी ने अपनी आने वाली फिल्म ‘‘ कह दो न लव है’’ का प्रमोशन भी किया। उन्होंने बताया कि यह 70 के दशक की लव स्टोरी है जिसमें मैने सीधी-सादी लडकी का रोल किया है जिसे पता ही नहीं चलता कि उसे कब प्यार हो गया। उल्लेखनीय है कि पिंकी सिंह ने धारावाहिक क्राइम पेट्रोल, सावधान इन्डिया, संकटमोचन हनुमान, नियति, प्रगति, मुनिधरा, बाॅलीवुड फिल्म अब तो सम्हल, जयन्त भई की लव स्टोरी, हवेली समेत कई एड फिल्मों, काॅमेडी शो में काम किया है।

मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास फास्ट ट्रेक पर

मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास फास्ट ट्रेक पर

नये उद्योगों के लिये 20 नये औद्योगिक क्षेत्र हो रहे हैं तैयार
यू.एस. टेक्नोलॉजी ने भोपाल में 400 करोड़ से आई.टी. केम्पस खोलने में दिखाई रूचि
मुख्यमंत्री की कई कंपनियों से निवेश पर हुई चर्चा

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है उद्योगों की स्थापना में तेजी लाने के लिये 20 नये औद्योगिक क्षेत्रों में जरूरी अधोसंरचनाओं का विकास किया जा रहा है। अमेरिका यात्रा के तीसरे दिन आज न्यूयार्क में निवेशकों और अमेरिकी कंपनियों से चर्चा करते हुए श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश का औद्योगिक विकास फास्ट ट्रेक पर है। एक दशक पहले और आज के मध्यप्रदेश में जमीन-आसमान का फर्क है। आज मध्यप्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों को विकास में सहयोगी मानती है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री श्री राजेन्द्र शुक्ल और मध्यप्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

श्री चौहान ने मध्यप्रदेश में निवेशकों का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें किसी भी प्रकार की कोई बाधा नहीं आने दी जायेगी। राज्य सरकार औद्योगिक विकास के माध्यम से युवाओं को भी आगे बढ़ने के अवसर देना चाहती है। युवाओं को कौशल सम्पन्न बनाने के साथ ही उनमें उद्यमिता का विकास भी किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने निवेशकों और कंपनी प्रमुखों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिये आमंत्रित किया। उन्होंने अमेरिका में बस गये सभी भारतीयों को भी इंदौर में 22- 23 अक्टूबर को होने वाली ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट में भाग लेने के लिये आमंत्रित किया।

श्री चौहान ने शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, लोक सेवा, निर्माण, बायोटेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र में काम कर रही कंपनियों के मध्यप्रदेश में विस्तार की संभावनाओं पर चर्चा की।

इन कंपनियों से हुई चर्चा

आरसिअस इन्फोटेक प्रायवेट लिमिटेड ने भोपाल जिले में विकास केन्द्र स्थापित करने में रूचि दिखाई है। यू.एस. टेक्नोलॉजी इंटरनेशनल प्रायवेट लिमिटेड ने 400 करोड़ रुपये के निवेश के साथ भोपाल में एक आई.टी. केम्पस स्थापित करने की इच्छा जाहिर की है।

आई.टी. और खाद्य क्षेत्र की अमेरिका की बड़ी कंपनी में एल.टी. फूड्स और उसके विक्रेताओं, ने भी निवेश की इच्छा जाहिर की।

इंटरनेशनल रिसर्च लेबोरेट्रीज प्राइवेट लिमिटेड, मोतियाबिंद से उत्पन्न होने वाले अंधेपन को समाप्त करने के लिए शुरू किये गये एक ग्लोबल कैंपेन ‘हेल्प मी.सी.’ ने भी प्रदेश में विस्तार करने में रूचि दिखाई।

आर.एम.सी., अमेरिका – आवासीय और व्यावसायिक निर्माण के लिए निर्माण सामग्री की आपूर्ति करती है। यह कंपनी अमेरिका में मिश्रित कांक्रीट, सीमेंट और कांक्रीट के मिश्रित उत्पाद उपलब्ध करवाती है।

सी.आई.एन.एन. ग्रुप निजी कंपनियों का समूह है, जो कि पब्लिशिंग, बीमा, रियल इस्टेट और मनोरंजन के क्षेत्र में कार्य करता है। यह फाउण्डेशन एक प्रमुख कल्चरल फाउण्डेशन है।

अमेरिकन एसोसिएशन आफ फिजीशियन ऑफ इंडियन ओरिजिन ए.ए.पी.आई. ऐसा मंच है जो इंडियन अमेरिकन फिजिशियंस को रोगी की देखभाल, शिक्षण और रिसर्च और प्रोफेशनल और सामुदायिक मामलों से जुड़ी उनकी आवश्यकताओं के लिए सहयोग करता है। ए.ए.पी.आई. रोगी की देखभाल, शिक्षण और रिसर्च के क्षेत्र में उत्कृष्टता लाने के लिए विशेषज्ञता को बढ़ावा देता है।

प्रोग्रेस रेल सर्विसेज कार्पारेशन अल्बर्ट विले और अलबामा में स्थित कंपनी है जो कि अमेरिका, यूरोप, एशिया, अफ्रीका और आस्ट्रेलिया में भी संचालित है। ट्रेक्स से जुड़े कार्य, सिग्नल और कम्युनिकेशन से जुड़े उपकरण और अल्ट्रॉसोनिक उपकरण बनाती है।

अमेरिका-भारत व्यापार परिषद् के साथ बैठक

मुख्यमंत्री से अमेरिका भारत व्यापार परिषद् के अध्यक्ष श्री मुकेश अघी ने मुलाकात की और व्यापार बढ़ाने की भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श किया। अमेरिका-भारत व्यापार परिषद् दोनों सरकार की सहमति पर बना था। यह परिषद दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को आगे बढ़ाने वाला प्रमुख व्यापार परामर्श देने वाला संगठन है। यू.एस.आई.बी.सी. अमेरिका का सबसे बड़ा द्विपक्षीय व्यापारिक संगठन है। इसमें अमेरिकन और भारतीय कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हैं।

“फ्रेण्डस ऑफ एम.पी.’’ में संबोधन

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने फ्रेंडस ऑफ एम.पी. मंच को संबोधित करते हुए मध्यप्रदेश को दुनिया में आनंद के प्रसार की आकांक्षा रखने वाला राज्य बनाने के लिए सभी से मिलकर काम करने का आग्रह किया। उन्होंने आनंद मंत्रालय के गठन के संबंध में भी बताया।

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा लोगों के विकास के लिए मौलिक मूल्य आधारित नागरिक सहभागिता की दृष्टि से इस फोरम को बनाया गया है। यह पहल मध्यप्रदेश के ऐसे व्यक्तियों को जोड़ने के लिए की गई, जो प्रदेश से बाहर या विदेशों में रहकर अपनी मातृभूमि से जुड़े रहना चाहते हैं।

यह वेबसाइट मध्यप्रदेश सरकार को प्रदेश के मित्रों की पहचान करवाती है। उनके कौशल प्रतिभा और अनुभव को भविष्य के मध्यप्रदेश का विकास करने के लिए उपयोग करने में मददगार साबित हो रही है। यह मंच शुभचिंतकों, मित्रों और नीति-निर्धारकों के बीच एक सेतु का निर्माण करता है।

बीपीएल सूची में दिग्विजय सिंह और उनके परिजन का नाम नहीं

राज्य शासन ने कुछ समाचार-पत्रों में प्रकाशित सांसद श्री दिग्विजय सिंह के आरोपों को आधारहीन एवं तथ्यों से परे बताया है। समाचार-पत्रों में प्रकाशित समाचार में श्री दिग्विजय सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार ने झूठे केस में फँसाने के लिए गलत तरीके से उनका नाम गरीबी रेखा की सूची में डाल दिया है। वस्तुस्थिति यह है कि राज्य की बीपीएल सूची में श्री दिग्विजय सिंह अथवा उनके परिवार के सदस्यों के नाम नहीं है।

राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उज्जवला योजना के लिए जिस सामाजिक, आर्थिक और जातिगत जनगणना (SECC) को आधार बनाया गया है, यह सर्वे वर्ष 2011 में किया गया था। सर्वे में प्रदेश के सभी नागरिकों के बारे में जानकारी संकलित की गयी थी। सर्वे में श्री दिग्विजय सिंह और उनके परिवार की जानकारी भी संकलित की गयी थी। यह उल्लेखनीय है कि सर्वे में अंकित जानकारी नागरिक द्वारा दी गयी जानकारी के आधार पर शामिल होती है और सर्वेकर्ता द्वारा कोई विस्तृत जाँच नहीं की जाती है।

सर्वे में संकलित जानकारी में राष्ट्रीय सूचना केन्द्र (NIC) नई दिल्ली द्वारा कुछ फिल्टर लगाकर उज्जवला योजना के लिए संभावित पात्र परिवारों की प्रथम सूची तैयार कर गैस कंपनियों को दी गयी है। यह सूची नागरिकों द्वारा सर्वे के दौरान दी गयी जानकारियों के आधार पर है, परन्तु इससे उज्जवला योजना में स्वत: पात्रता नहीं आ जाती है। इस सूची में आने वाले परिवारों के द्वारा यदि उज्जवला योजना में आवेदन प्रस्तुत किया जाता है, तो उसका परीक्षण गैस कंपनी द्वारा किया जायेगा। यदि ऐसे आवेदक के पास पूर्व से गैस कनेक्शन है तो उसका आवेदन निरस्त कर दिया जायेगा, भले ही उसका नाम उपरोक्त सूची में हो। इस प्रकार सिर्फ सूची में नाम होना उज्जवला योजना में लाभ के लिए पर्याप्त नहीं है। इसलिए यह कहना निराधार है कि सूची में श्री दिग्विजय सिंह का नाम डालकर उनके विरूद्ध झूठा मुकदमा दर्ज करवाने की तैयारी की जा रही है।

यह भी स्पष्ट है कि प्रदेश में विभिन्न योजनाओं के लिए प्रयुक्त की जा रही बीपीएल सूची का उज्जवला योजना की सूची से कोई संबंध नहीं है और न ही प्रदेश की बीपीएल सूची में श्री दिग्विजय सिंह अथवा उनके परिवार का नाम है।

कानून के राज की स्थापना और जनता को न्याय दिलाने में न्यायपालिका की अहम भूमिका – राष्ट्रपति श्री मुखर्जी

कानून के राज की स्थापना और जनता को न्याय दिलाने में न्यायपालिका की अहम भूमिका – राष्ट्रपति श्री मुखर्जी
राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि कानून का राज स्थापित करने में तथा लोगों को न्याय दिलाने में न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि ऐसे समाज में जिसमें जनसंख्या का एक बड़ा वर्ग सामाजिक आर्थिक रूप से पिछड़ा है न्यायिक व्यवस्था तक आसान पहुँच अत्यंत आवश्यक है। राष्ट्रपति आज यहाँ भोपाल में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की चतुर्थ रिट्रीट का शुभारंभ कर रहे थे।

राष्ट्रपति श्री मुखर्जी ने कहा कि उन्होंने लोकतंत्र के तीनों स्तंभ में न्यायपालिका की भूमिका अहम है। उसकी लोगों को सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक न्याय दिलाने, मानव अधिकारों और स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा में संरक्षक की भूमिका है। उन्होंने कहा कि लोगों के लिये न्याय सस्ता, सुलभ और त्वरित होना चाहिये। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान जीवंत दस्तावेज है। गरीबों में गरीब की न्याय तक पहुँच ही सबके लिये न्याय को, सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा कि हमारे विकासशील देश में न्यायपालिका का कार्यक्षेत्र व्यापक है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में न्यायालयों की बुनियादी सुविधाएँ बेहतर हुई हैं। ई-न्यायालय परियोजना में ऑनलाइन प्रकरणों की जानकारी मिल रही है। उन्होंने कहा कि राज्य की अर्थ-व्यवस्था को वैधानिक व्यवस्था में परिवर्तनों से बाधित नहीं होनी चाहिये। इसके लिये आवश्यक है कि न्यायपालिका और विधायिका के मध्य आपसी समझ विकसित हो।

श्री प्रणब मुखर्जी ने कहा कि शीर्ष न्यायालय निरंतर सुशासन के लिये सफलतापूर्वक कानूनों की व्याख्या कर रहा है। इससे मानवीय सम्मान की अपेक्षाओं की भी पूर्ति हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने अंतर्राष्ट्रीय प्रसिद्धि प्राप्त की है। उच्च मानक और उद्दात सिद्धांतों के द्वारा न्यायालय के ऐतिहासिक निर्णयों ने न केवल देश के वैधानिक और संवैधानिक ढाँचे को मजबूत किया है, वरन अनेक देशों को भी प्रगतिशील न्यायाधिकार क्षेत्र के लिये प्रेरित किया है। श्री मुखर्जी ने प्रधान न्यायाधीश द्वारा सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालयों के रिक्त पदों की पूर्ति के लिये किये जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। उन्होंने यह कार्यक्रम आयोजित करने के लिये भी मुख्य न्यायाधीश की सराहना की। साथ ही उम्मीद जाहिर की कि इससे वैश्विक चुनौतियों के प्रति न्यायाधीशों को जागरूक करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विधि के शासन में न्यायपालिका की महत्वपूर्ण भूमिका है।

सर्वोच्च न्यायलय के प्रधान न्यायाधीश श्री टी.एस. ठाकुर ने रिट्रीट के आयोजन की आवश्यकताओं और महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रिट्रीट नवीन वैश्विक चुनौतियों पर न्याय पालिका का ध्यान केंद्रित करने का प्रयास है। दुनिया की आबादी का छठवाँ हिस्सा शांति एवं व्यवस्थापूर्ण जीवन व्यतीत करे, इसके लिये आवश्यक है कि विज्ञान, प्रौद्योगिकी और वैश्विक परिवर्तनों को समझा जाये। उनका प्रजातांत्रिक संस्थाओं के सुदृढ़ीकरण की चुनौतियों में, उत्तरदायी प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्ट्राचार के साथ संघर्ष में, मानवधिकारों के संरक्षण में, मानवीय कानूनों की महत्ता में, राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर, वैश्विक आंतकवाद के खतरे पर, आर्थिक विकास और जलवायु परिवर्तन तथा ग्लोबलाइजेशन पर प्रभाव को भी समझा जाये।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्री-लिटिगेशन व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जाये ताकि छोटे मामलों का न्यायालय के बाहर ही निराकरण हो सके। इससे न्यायालय में लंबित प्रकरणों की संख्या कम होगी। श्री चौहान ने कहा कि प्रकरणों के निराकरण की प्राथमिकता निर्धारण की भी व्यवस्था की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहता है कि मध्यप्रदेश में न्याय पालिका, विधायिका और कार्यपालिका के बीच दूरियाँ नहीं रहें।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने देश में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ कराने की व्यवस्था का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि लगातार चुनाव चलते रहने से समय और धन की बर्बादी होती है। इसीलिये पाँच साल में एक बार में चुनाव होने चाहिये। नेता का परिवर्तन हो सकता है किन्तु सदन पाँच साल तक चलना चाहिए। उन्होंने चुनाव के लिये स्टेट फंडिंग की व्यवस्था किये जाने पर भी विचार का सुझाव दिया।

केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री डी.वी. सदानंद गौड़ा ने कहा कि सरकार और न्यायपालिका दोनों का प्रयास है कि न्याय का अधिकतम विस्तार हो। उन्होंने कहा कि भारतीय लोकतंत्र दुनिया के बड़े लोकतंत्र से कहीं अधिक है। यह ऐसा संवैधानिक संसदीय लोकतंत्र है जिसमें स्वतंत्र और प्रो-एक्टिव न्यायपालिका है। उन्होंने अधिकारों के प्रति नागरिकों की जागरूकता की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि तीव्र आर्थिक विकास के लिये आवश्यक है कि उद्यमियों को व्यापार का सहज वातावरण उपलब्ध हो। उन्होंने कहा कि न्यायिक सुधारों का स्वरूप ऐसा होना चाहिये कि लोगों का न्यायिक व्यवस्था में विश्वास और अधिक मजबूत हो। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान का उद्देश्य निवेश को बढ़ाने, नवाचार को प्रोत्साहित करना और कौशल विकास का उन्नयन है। उन्होंने बताया कि न्याय दिलाने की प्रक्रिया को तीव्र करने के प्रयास किये गये हैं। नेशनल लिटिगेशन पॉलिसी को रिवाइज किया जा रहा है। विशेष वाणिज्यिक न्यायालय के गठन का प्रयास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आम आदमी को न्याय मिले, तभी इन प्रयासों की सफलता है। समाज में शांति एवं व्यवस्था के लिये न्याय आवश्यक है। उन्होंने कहा कि न्यायिक संस्थाओं के बुनियादी ढाँचों को मज़बूत बनाने के प्रयास हुए हैं। राज्यों के लिये राशि की उपलब्धता में काफी वृद्धि की गई है। वर्ष 2011 से अभी तक 13वें वित्त आयोग के तहत 1900 करोड़ रुपये से अधिक विभिन्न गतिविधियों के लिये राज्यों को आवंटित किये गये हैं। अधिकांश जिला एवं अधीनस्थ न्यायालय कम्प्यूटरीकृत हो गये हैं।

पूर्व प्रधान न्यायाधिपति सर्वोच्च न्यायालय श्री एम. वेंकटचलैया ने एकेडमी की स्थापना से जुड़े प्रसंगों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि रिट्रीट के चिंतन के दौरान आने वाले विचार भविष्य के स्वरूप निर्धारण का आधार बनेंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय सम्भत: मानव इतिहास का सबसे जटिल दौर है। परस्पर अनुशासित रूप से जुड़े समाज, देश के विकास, शांति और व्यवस्था में न्यायिक संस्थाओं की भूमिका और उसको किस प्रकार से अंगीकृत किया जाये, पर विचार जरूरी है।

मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश श्री ए.एम. खानविलकर ने स्वागत उदबोधन दिया। उन्होंने कहा कि रिट्रीट न्यायाधीशों को अर्थ-व्यवस्था, पर्यावरण, विज्ञान और भारतीय समाज के समक्ष नई चुनौतियों पर जागरूक करेगा। उन्होंने कहा कि प्रजातांत्रिक व्यवस्था में संसद द्वारा बनाए गये नियमों की व्याख्या का उत्तरदायित्व न्याय पालिका का है। न्यायालय इसके माध्यम से नियमों को प्रकाशित भी करते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि रिट्रीट का चिंतन संविधान और कानून के राज की अक्षुण्णता में सहयोग करेगा। कानून और समाज के बीच सेतु का कार्य करेगा। आभार ज्ञापन जस्टिस जी. रघुरामन ने किया।

प्रदेश में पशुपालन, मत्स्य और रेशम उत्पादन को मिले बढ़ावा

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश के किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिये पशुपालन, मत्स्य एवं रेशम पालन को प्रोत्साहित किया जाये। किसानों को तकनीकी मार्गदर्शन और अन्य जरूरी सहायता उपलब्ध करवाई जाये। प्रत्येक जिले में निजी क्षेत्र में दो-दो मॉडल डेयरी स्थापित की जाये।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस संबंध में चर्चा की। उन्होंने किसानों की आय अगले पाँच वर्ष में दोगुना करने की रणनीति पर व्यापक विचार-विमर्श किया। पशु ,कुक्कुट, मत्स्य एवं रेशम पालन के प्रस्तावित रोड मेप पर चर्चा की गई। इस मौके पर मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुपालन, कुक्कुट, रेशम एवं मत्स्य-पालन किसानों की आमदनी बढ़ाने के सशक्त माध्यम हैं। इन क्षेत्रों में दुनिया में उपयोग की जाने वाली सर्वोत्तम तकनीक एवं विधि को प्रदेश में अपनाया जाये। उन्होंने कहा कि दुग्ध उत्पादन ग्रामीणों की आमदनी बढ़ाने में बहुत सहायक है। पशु नस्ल सुधार, पशु आहार उपलब्धता एवं दूध की बिक्री आदि की और बेहतर व्यवस्थाएँ की जायें। उन्होंने प्रत्येक जिले में निजी क्षेत्र में कम से कम दो आदर्श डेयरी स्थापित करवाने के लिये अधिकारियों को कहा। उन्होंने कहा कि इन डेयरियों के माध्यम से अन्य पशु पालकों को पशुपालन के लिये प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।

बैठक में अपर मुख्य सचिव वित्त श्री ए.पी.श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री इकबाल सिंह बैंस, प्रमुख सचिव पशुपालन श्री प्रभांशु कमल, प्रमुख सचिव कृषि डॉ. राजेश राजौरा, प्रमुख सचिव कुटीर एवं ग्रामोद्योग श्रीमती वीरा राणा, प्रमुख सचिव मत्स्य-पालन श्री अरूण तिवारी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।