भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया हजारों रुपए का खरीदा हुआ फर्नीचर

घटिया किस्म का फर्नीचर खरीदने वालों के खिलाफ आज तक नहीं हुई कोई कार्रवाई आलमपुर । शासकीय महाविद्यालय आलमपुर में हजारों रुपए की लागत से खरीदा गया फर्नीचर भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। लेकिन आज दिन तक किसी भी अधिकारी कर्मचारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई।

जानकारी के अनुसार शा. महाविद्यालय आलमपुर में गत माह पूर्व हजारों रुपए की लागत से नया फर्नीचर खरीदा गया था। लेकिन शा. महाविद्यालय आलमपुर द्वारा इतना घटिया किस्म का फर्नीचर खरीदा गया। कि ग्वालियर से आलमपुर लाते समय आधे से अधिक फर्नीचर तो रास्ते में ही टूट गया। महाविद्यालय से जुड़े लोगों ने अपनी इस कमजोरी को छुपाने के उद्देश्य से टूटे हुए फर्नीचर को मरम्मत कराने हेतु बाजार में एक बैलडिंग की दुकान पर भेज दिया था। टूटे हुए फर्नीचर के बाजार में पहुंचते ही आलमपुर महाविद्यालय द्वारा खरीदे गए घटिया किस्म के फर्नीचर का मामला उजागर हो गया था।

मीडिया में सुर्खिया बनने के बाद महाविद्यालय से जुड़े लोगों ने बगैर मरम्मत कराए फर्नीचर को बापस महाविद्यालय में उठवा लिया था और महाविद्यालय से जुड़े लोगों के द्वारा कहा जा रहा था कि उक्त फर्नीचर बापिस किया जाएगा। लेकिन हजारों रुपए की लागत से खरीदा गया घटिया किस्म का फर्नीचर बापिस तो किया नहीं गया, बल्कि उक्त घटिया किस्म के टूटे फर्नीचर की आलमपुर महाविद्यालय में ही मरम्मत कराई जा रही है।

टूटे हुए फर्नीचर की मरम्मत कराई जा रही हैं महाविद्यालय में
शासकीय महाविद्यालय आलमपुर ने गत माह पूर्व जो नया फर्नीचर खरीदा है, वह उपयोग होने से पहले ही टूट गया है। उस टूटे हुए फर्नीचर (टेबिल बैंच) की मरम्मत आलमपुर महाविद्यालय में कराई जा रही है। आलमपुर महाविद्यालय प्रांगण में क्षतिग्रस्त फर्नीचर के मरम्मत के कार्य को देखकर ऐसा लग रहा है कि मानो आलमपुर महाविद्यालय में फर्नीचर बनाने की दुकान खुल गई हो। टूटे हुए फर्नीचर की मरम्मत का कार्य किसकी देख-रेख में चल रहा है और फर्नीचर के मरम्मत का व्यय कौन उठाएगा यह तो महा विद्यालय प्रशासन ही जाने पर आलमपुर महाविद्यालय द्वारा खरीदा गया घटिया किस्म का फर्नीचर आलमपुर कस्बे में चर्चा का विषय बना हुआ है।

बताया जाता हैं कि आलमपुर महा विद्यालय में पढऩे वाले छात्र-छात्राओं को बैठने के लिए महाविद्यालय द्वारा जो टेबल बैंचे खरीदी गई हैं वह इतनी कमजोर हैं कि पढ़ाई लिखाई के दौरान जब छात्र-छात्राएं टेबल बैंच पर पढऩे के लिए बैठते हैं तो टेबिल बैंच टूट जाती हैं।

बच्चों को कच्ची रोटी खिलाते हुए शर्म नही आती- एसडीएम

ब्यावरा। ग्रामीण क्षेत्रों से मिल रही शिकायत के बाद ब्यावरा अनुविभागीय अधिकारी अंजलि शाह ने ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों में दौरा कर मध्यान भोजन एवं आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया। साथ ही दो स्कूलों में अनुपस्थित पाए जाने पर दो शिक्षकों को कारण बताओं नोटिस भी जारी किए।

एसडीएम अंजलि शाह ने हबीपुरा, ढकोरा एवं गिदोर मीणा के स्कूलों का निरीक्षण किया। इस दौरान मीनू अनुसार भोजन न मिलने एवं कच्चा पका भोजन मिलने पर नाराजगी जताई एवं कहा की इस तरह की जली भुनी रोटियां बच्चों को खिलाते हुए तुम्हे शर्म नही आती। उन्होंने गिदोर मीणा के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय से अनुपस्थित पाए जाने पर विनय मेवाडे और साधना चौहान नामक शिक्षकों को कारण बताओं नोटिस भी जारी किए। इस दौरान अनुविभागीय अधिकारी शाह ने शासकीय उचित मूल्य की दुकानों का भी निरीक्षण किया एवं शिकायत का मोका न मिलने के निर्देश दिए। दौरे में ब्यावरा क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी एवं खंड स्त्रोत समन्वयक भी साथ थे।

पचमढ़ी में 18 से 19 नवम्बर तक राष्ट्रीय पुष्प प्रदर्शनी

होशंगाबाद। आगामी 18 से 19 नवम्बर तक पचमढ़ी में राष्ट्रीय स्तर की पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। साथ ही संगोष्ठी भी आयोजित की जाएगी। प्रदर्शनी में राष्ट्रीय स्तर के पुष्प उत्पादको के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएगी जिसमे स्थानीय कृषक भी प्रदर्शनी में भाग ले सकते है। इसके लिए वे अपने पुष्पों के प्रादर्श एवं सैम्पल 17 नवम्बर तक प्रस्तुत कर अपना पंजीयन करा सकते है। पंजीयन निरूशुल्क है। कृषकों द्वारा प्रस्तुत सैम्पल की जांच निर्णायक चयन समिति करेगी।

राष्ट्रीय पुष्प प्रदर्शनी में पुष्पों की खेती से अधिक उत्पादक पर विशेषज्ञों एवं विज्ञानिको द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किए जाएगे तथा पचमढी आने वाले पर्यटकों को पुष्पो से संबंधित जानकारी मुहैया कराई जाएगी। उद्यानिकी विभाग के संयुक्त संचालक ने बताया कि 18 नवम्बर को पचमढी में प्रातरू 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक पुष्प खेती की तकनीकी कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

दोपहर 2 से सायं 4 बजे तक पुष्पो के नमूने का मूल्यांकन किया जाएगा, सायं 4 बजे मुख्य अतिथि द्वारा उद्घाटन एवं अवलोकन किया जाएगा। तत्पश्चात् सायं 4रू30 बजे से रात्रि 10 बजे तक का समय आंगन्तुको के प्रदर्शनी अवलोकन का रहेगा। 19 नवम्बर को प्रातर 8 बजे से दोपहर 12 से पुष्प तकनीकी आधारित कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा एवं दोपहर 12 :30 बजे से पुरस्कार वितरण का कार्यक्रम होगा। पुष्प प्रदर्शनी 18 नवम्बर से 22 नवम्बर तक खुली रहेगी।