HAMARA METRO ADVT

HAMARA METRO ADVT

Advertisements

अब अच्छे दीन सस्ते पंखे देगी सरकार. दो साल की किस्तों में

अब अच्छे दीन सस्ते पंखे देगी सरकार. दो साल की किस्तों में

बिजली की खपत कम के उद्देश्य से एलईडी बल्ब की तरह सरकार अब कम बिजली खर्च करने वाले पंखों का भी वितरण करेगी। पंखों के वितरण का यह काम आगामी अप्रैल से शुरू होगा और मात्र 60 रुपये देकर कोई भी व्यक्ति पंखे की खरीदारी कर पाएगा।

बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) के माध्यम से पंखों का वितरण किया जाएगा। फिलहाल 3-4 करोड़ पंखों का वितरण करने का लक्ष्य रखा गया है। एलईडी की तरह राज्य सरकार पंखों की खरीदारी एनर्जी एफिशिएंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) से करेगी और फिर राज्यों की डिस्कॉम के माध्यम से उपभोक्ता पंखों की खरीदारी कर पाएंगे।बुधवार को बिजली, कोयला नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि एलईडी के बाद उन्होंने बिजली की कम खपत करने वाले पंखों का वितरण करने की योजना बनाई है जिसे जल्द शुरू किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस काम की जिम्मेदारी भी ईईएसएल को दी गई है। ईईएसएल के प्रबंध निदेशक सौरभ कुमार ने बताया डिस्कॉम के माध्यम से फाइव स्टार रेटिंग वाले पंखों का वितरण किया जाएगा जिसकी कीमत बाजार में 1800-1900 रुपये प्रति पंखा है। लेकिन खुली बोली के माध्यम से पंखे की खरीदारी करने पर ईईएसएल ने मात्र 950 रुपये में फाइव स्टार रेटिंग वाले पंखे की खरीदारी की है। इस वजह से बाजार के मुकाबले पंखे की कीमत आधी हो गई। दो साल की किस्तों में चुका सकेंगे कीमत उन्होंने बताया कि पंखे की कीमत उपभोक्ता किस्तों में चुका सकते हैं। मात्र 60 रुपये देकर उपभोक्ता पंखा ले पाएगा और बाकी की रकम का भुगतान करने के लिए उसे दो साल दिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि एलईडी बल्ब की तरह डिस्कॉम के माध्यम से पंखों के वितरण का यह काम अप्रैल के पहले सप्ताह में आरंभ हो जाएगा। आंध्र प्रदेश से यह काम शुरू किया जा रहा है और दिल्ली, राजस्थान व महाराष्ट्र सरकार भी पंखों की वितरण योजना में शामिल होने के लिए हामी भर दी है।

कुमार ने बताया कि फाइव स्टार रेटिंग वाले पंखे के इस्तेमाल से 70-80 रुपये कीमत के बराबर की बिजली की बचत होगी। ईईएसएल के मुताबिक उनका उद्देश्य टेंडर के माध्यम से खरीदारी करके उपभोक्ताओं को सस्ता सामान देना है। ईईएसएल के जरिए विभिन्न राज्यों ने अब तक 7 करोड़ से अधिक एलईडी बल्ब का वितरण किया है

TAMIL NADU TOURISM

A great voyage between the vast mountains and the colourful sky. It Seems like someone has thrown a bucket of plenty of colours in it. The freshness, the smell of nature, flowers and melodious water flows from the mountain. It doesn’t feel like it is real… each morning feels like a dream voyage. Human activities with crops, the organic food and the romantic rain… I’m sure you won’t miss it after discovering Ooty through my images

राष्‍ट्रपति ने कहा हमारे देश की समृद्ध विविधिता, विचारों का समावेशन, भिन्‍नताओं का समायोजन अ‍थवा दृष्टिकोणों की विविधता को आत्‍मसात करते हुए युवाओं को इन्‍हें अपने लोकतांत्रिक व्‍यवहार में अंतर्निहित

राष्‍ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने आज राष्‍ट्रपति भवन से वीडियो वार्तालाप के माध्‍यम से ‘युवा और राष्‍ट्र निर्माण’ विषय पर उच्‍चतर शिक्षण संस्‍थानों के संकायों और छात्रों एवं सिविल सेवा अकादमियों को नव वर्ष का एक संदेश दिया।

छात्रों और संकाय को संबोधित करते हुए राष्‍ट्रपति ने कहा कि देश की समृद्ध विविधिता, विचारों का समावेशन, भिन्‍नताओं का समायोजन अ‍थवा दृष्टिकोणों की विविधता को आत्‍मसात करते हुए युवाओं को इन्‍हें अपने लोकतांत्रिक व्‍यवहार की भावना में अंतर्निहित करना चाहिए। उन्‍होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता का विचार हमारे राष्‍ट्र की चेतना में गहरी पैंठ बनाए हुए है। एक सौहार्दपूर्ण समाज के निर्माण के लिए इस भावना को युवाओं के मस्तिष्‍क में और मजबूती से समाहित करना होगा। जब तक राष्‍ट्र निर्माण की प्रक्रिया में महिलाओं की सभी मामलों में समान सहभागिता और समान संख्‍या नहीं होती, तब तक सभी प्रयास अधूरे रहेंगे। उन्‍होंने कहा कि महिलाओं के प्रति श्रद्धा की भावना को घर के बच्‍चों और शैक्षणिक संस्‍थानों में स्‍थापित किया जाना चाहिए। राष्‍ट्रपति ने कहा कि इस भावना के लिए छोटी आयु से ही सामाजिक व्‍यवहार से मार्गदर्शन करना चाहिए।

राष्‍ट्रपति ने कहा कि सरकार ने वित्‍तीय समावेशन, मॉडल ग्रामों का निर्माण और एक डिजिटल सशक्‍त समाज के गठन के लिए कार्यक्रमों का शुभारंभ किया है। उन्‍होंने कहा कि भारत की इस महत्‍वाकांक्षा को पूरा करने के लिए कार्यान्‍वयन के माध्‍यम से पर्याप्‍त अवसरों का सृजन करना होगा। एक ऐसा राष्‍ट्र जिसमें नौकरशाहों, वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, सामाजिक प्रेरकों, चिंतकों और कृषि विज्ञानियों का सृजन करना होगा, ताकि एक ऐसे भारत का निर्माण किया जा सके, जहां सभी नागरिकों के जीवन से जुड़ी सभी आवश्‍यकताओं को उत्‍कृष्‍ट रूप से सुनिश्चित किया जा सकेगा। यह एक स्‍वच्‍छ भारत, स्‍वस्‍थ भारत, डिजिटल रूप से सशक्‍त भारत, शिक्षित और कुशल भारत, एक सहिष्‍णु, सौहार्दपूर्ण और शांतिपूर्ण भारत होगा, जहां हर व्‍यक्ति देश की इस विकास गाथा में अपनी भूमिका को महसूस करेगा।

राष्‍ट्रपति ने कहा कि हमारे स्‍वप्‍नों के भारत निर्माण के लिए हम सबको मिलकर एक पारिस्थितिकी-व्‍यवस्‍था को विकसित करना होगा, जिसमें नवीन अविष्‍कारकों, उद्यमियों और वित्‍तीय निवेशकों का समन्‍वय होगा, जहां विज्ञान, तकनीकी और नवाचार को प्राथमिकता देने के साथ-साथ इनको प्रधानता भी दी जाएगी। सरकार, कॉरपोरेट और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सभी सृजनात्‍मक शक्तियों को स्‍वतंत्र, सुलभ और सहायक वातावरण प्रदान करना होगा। उच्‍चतर शिक्षा संस्‍थानों को अपने छात्रों की उद्यमशिलता की क्षमताओं को परिष्‍कृत करने में स्‍पष्‍ट भूमिका निभानी होगी। हमारे संस्‍थानों में एक पाठ्यक्रम के तौर पर उद्यमशीलता अध्‍ययन का शिक्षण एक बेहतर शुरूआत होगी।

राष्‍ट्रपति ने सभी शिक्षण और नागरिक सेवा संस्‍थानों से अपने छात्रों को पूर्ण रूप से आत्‍मसात करने और उनमें सामाजिक दायित्‍व की भावना भरने का आह्वान किया। उन्‍होंने समुदाय के साथ छात्रों के जुड़ाव के लिए महत्‍वपूर्ण सुझाव भी दिए। इन सुझावों में प्रतिमाह कम से कम एक घंटे के लिए पास के सरकारी विद्यालयों में उनको शिक्षण में शामिल करना, आस-पड़ोस के लोगों के जीवनस्‍तर में सुधार के लिए समुदाय-आधारित परियोजनाओं को कार्यान्वित करने के लिए उन्‍हें तैनात करना, ग्रामों द्वारा सामना की जा रही समस्‍याओं का पता लगाने के लिए उन्‍हें कार्यभार सौंपना और अत्‍याधुनिक तकनीक के साथ अभिनव समाधानों पर कार्य करना शामिल है।

यह संबोधन वेबसाइट http://webcast.gov.in/president/ पर भी उपलब्‍ध है।

श्री राम विलास पासवान राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस समारोह का उद्घाटन करेंगे

उपभोक्ता मामले , खाद्य तथा सार्वजनिक वितरण मंत्रालय का उपभोक्ता मामला विभाग 22 दिसंबर, 2015 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में ‘सुरक्षित और स्वस्थ खाद्यः मिलावट से मुकाबला’ विषय पर राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस समारोह का आयोजन कर रहा है। इसका उद्घाटन और अध्यक्षता उपभोक्ता मामले , खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री राम विलास पासवान करेंगे।

राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद समाधान आयोग (एनसीडीआरसी) के अध्यक्ष न्यायमूर्ति डी के जैन मुख्य भाषण देंगे और भारतीय खाद्य सुरक्षा मानक प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री आशीष बहुगुणा ‘सुरक्षित और स्वस्थ खाद्यः मिलावट से मुकाबला’ विषय पर व्याख्यान देंगे।

राष्ट्रीय उपभोक्ता अधिकार दिवस राष्ट्रीय उपभोक्ता आंदोलन को मजबूत बनाने तथा उपभोक्ताओं के मूल अधिकारों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है।

खाद्यान्न में मिलावट की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए उपभोक्ता के साथ-साथ समुदाय की क्षमता को बढ़ाना आवश्यक है ताकि इस बुराई से मुकाबला किया जा सके। खाद्य सुरक्षा तथा साफ-सफाई और मिलावट के बारे में उपभोक्ताओं को शिक्षित करना भी आवश्यक है।

इस अवसर पर विभाग ने पोस्टर बनाने की प्रतियोगिता का आयोजन किया था । प्रतियोगिता के विजेता 6 स्कूली बच्चों को नकद पुरस्कार दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त उपभोक्ताओं के लिए उपयोगी प्रकाशन को भी जारी किया जाएगा। इस अवसर पर खाद्य सुरक्षा पर दो पॉडकास्ट जारी किए जाएंगे जिसमें हस्ताक्षर भाषा व्याख्या होगी।

प्रधानमंत्री संसद भवन में रेट्रोफिट इलेक्ट्रिक बस लॉंचिंग कार्यक्रम में शामिल हुए

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आज संसद भवन परिसर में रेट्रोफिट इलेक्ट्रिक बस लॉंच किए जाने के समारोह में शामिल हुए। यह बस डीजल बस से बैट्री चालित बस के रूप में बदली गई है। यह सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्रालय की पहल है और इसका उद्देश्य संसद सदस्यों की आवाजाही के लिए स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

प्रधानमंत्री थोड़े समय के लिए बस में गए और बस की चाबी लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन को भेंट की ।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि पर्यावरण पर लंबे समय से चर्चा हो रही है लेकिन हाल के दिनों में साधारण आदमी पर्यावरण के नुकसान के प्रभाव को महसूस कर रहा है।

प्रधानमंत्री ने पेरिस की सीओपी-21 शिखर सम्‍मेलन की चर्चा करते हुए वहां उठाए गए दो प्रमुख कदमों का जिक्र किया। इसमें से एक है ‘मिशन इनोवेशन’। इसका उद्देश्‍य ग्रीन टेक्‍नोलॉजी के विकास की दिशा में काम करना है। ‘मिशन इनोवेशन’ को संयुक्‍त रूप से अमेरिका, फ्रांस तथा भारत ने बिल तथा मिलिन्‍डा गेट्स फाउंडेशन की सहायता से लांच किया गया है। दूसरा महत्‍वपूर्ण कदम धूप से प्रचुर रूप में संपन्‍न देशों का अंतर्राष्‍ट्रीय सौर गठबंधन है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इसका मुख्‍यालय नई दिल्‍ली में होगा।

प्रधानमंत्री ने बस लांच किए जाने में केंद्रीय सड़क परिवहन तथा राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी के प्रयासों की सराहना की। प्रधानमंत्री ने उद्योगपतियों का भारत में सस्‍ती और कारगर इलेक्‍ट्रिक बैट्री बनाने का आह्वान किया। इससे स्‍वच्‍छ जन परिवहन की दिशा में तेजी आएगी। लोकसभा की अध्‍यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन, केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी, श्री वैंकेया नायडू, श्री प्रकाश जावड़ेकर तथा बड़ी संख्‍या में संसद सदस्‍य इस अवसर पर उपस्‍थित थे।

डीडीसीए विवाद: केजरीवाल पर मानहानि का केस करेंगे अरुण जेटली

केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने अपने खिलाफ झूठा और अपमानजनक बयान देने को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल पर पलटवार करते हुए उन पर और पांच अन्य आप नेताओं के खिलाफ दिल्ली की अदालतों में सोमवार को मानहानि का आपराधिक और दीवानी मुकदमा दायर करने का फैसला किया।

जेटली ने बताया कि उन्होंने अपनी व्यक्तिगत क्षमता से केजरीवाल, कुमार विश्वास, आशुतोष, संजय सिंह, राघव चड्ढा और दीपक बाजपेयी के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में मानहानि का दीवानी मुकदमा तथा पटियाला हाउस अदालत में मानहानि का आपराधिक मुकदमा दायर करने के लिए कानूनी टीम को निर्देश दिया है।

केंद्रीय वित्त मंत्री ने उन लोगों पर अपने और अपने परिवार के सदस्यों के खिलाफ झूठे तथा अपमानजनक बयान देने का आरोप लगाया।

दिल्ली क्रिकेट इकाई दिल्ली एंड डिस्ट्रिकट क्रिकेट एसोसिएशन (डीडीसीए) में कथित अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी को लेकर केजरीवाल एवं आप के अन्य नेताओं द्वारा खुद पर प्रहार किए जाने के मद्देनजर जेटली ने यह कदम उठाया है। जेटली करीब 13 साल तक और 2013 तक डीडीसीए के अध्यक्ष रहे थे।

केजरीवाल और आप के पांच नेता जेटली के खिलाफ डीडीसीए के मामलों को लेकर सार्वजनिक तौर पर आरोप लगा रहे हैं, हालांकि कुछ आरोप इसके अतिरिक्त भी हैं।

जेटली ने अपने परिवार के लोगों के खिलाफ भी आरोपों को हास्यास्पद बताते हुए कहा, मेरा ऐसा कोई पारिवारिक सदस्य नहीं है जिसका कभी भी किसी भी तरह के कामकाज में एक पैसे की भी रूचि रही हो। खेल प्रबंधन के काम काज में मेरे परिवार का क्यों हिस्सा होना चाहिए।

जेटली ने केजरीवाल और आप के अन्य नेताओं को कोई कानूनी नोटिस नहीं देने का विकल्प चुना है। इसके बजाय सीधे ही अदालतों में मामले दायर किए जाएंगे।

स्वामी को सरकारी बंगला देने के सवाल पर सरकार ने दिया ये जवाब

भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी को बंगला आवंटित किए जाने के मोदी सरकार के फैसले का बचाव करते हुए शहरी विकास मंत्रालय ने कहा कि अतीत में भी सुरक्षा कारणों से गैर-सांसदों को आवास दिए गए हैं।

मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, अतीत में भी सुरक्षा के आधार पर गैर-सांसदों को सरकारी बंगले आवंटित किए गए हैं।

मंत्रालय की ओर से जारी सूची के अनुसार, सुरक्षा कारणों से अतीत में जिन लोगों को सरकारी बंगले दिए गए हैं उनमें कुछ इस प्रकार हैं- प्रियंका गांधी, जिन्हें फरवरी 1997 में 35 लोधी एस्टेट आवंटित किया गया। पंजाब के पूर्व पुलिस प्रमुख केपीएस गिल, जिन्हें अप्रैल 1996 में 11 तालकटोरा रोड, युवा कांग्रेस के पूर्व प्रमुख एमएस बिटटा को जून 1996 में 14 तालकटोरा रोड आवास आवंटित किए गए थे।

कांग्रेस नेता जगदीश टाइटलर को दिसंबर 2006 में 5, जीआरजी रोड दिया गया था, जिसे उन्होंने 2015 में खाली किया।

सूची के अनुसार, पंजाब केसरी के संपादक अश्विनी कुमार को जून 1998 में सरकारी आवास दिया गया। बूटा सिंह को सुरक्षा आधार पर फरवरी 2006 में 11-ए तीन मूर्ति मार्ग आवंटित किया गया।

अश्विनी कुमार ने सरकारी आवास 2012 में खाली किया और टाइटलर ने 2015 में, जबकि अन्य सभी अभी भी अपने आवास में रह रहे हैं।

पार्टी सांसद ने ही कांग्रेस के साथ मिलकर रची उन्हें फंसाने की साजिश : जेटली

पार्टी सांसद ने ही कांग्रेस के साथ मिलकर रची उन्हें फंसाने की साजिश : जेटली

नई दिल्ली । केन्द्रीय वित्तमंत्री अरूण जेटली ने अपनी ही पार्टी के एक सांसद पर कांग्रेस के साथ मिलकर उनके खिलाफ साजिश करने का आरोप लगाया है। माना जा रहा है कि उनका इशारा सांसद कीर्ति आज़ाद पर था जो आज डीडीसीए मामले में जेटली के खिलाफ बड़ा खुलासा कर सकते हैं।
वित्त मंत्री अरूण जेटली ने सांसद कीर्ति आजाद का नाम लिये बिना एक अंग्रेजी समाचार पत्र को दिये साक्षात्कार में कहा कि यूपीए के शासन काल में हमारे सांसद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मिले थे। इस मुलाकात में उन्हें निशाना बनाने पर बात हुई थी। उन्होंने कांग्रेस सरकार से लिखित शिकायत भी की थी।
जेटली ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने इस मुद्दे पर सीरियस फ्रॉड ऑफिस की जांच कराई । 2013 में उसकी रिपोर्ट सामने आई। जिसमें कंपनी की कार्यप्रणाली में गड़बड़ियां बताई गई थीं, लेकिन फर्जीवाड़े का कोई मामला सामने नहीं आया था।
जानकारी हो कि जेटली ने आजाद को कथित रूप से ‘ट्रोजन हॉर्स’ कहा था। वहीं आजाद ने एक ट्वीट में लिखा कि ट्रोजन हॉर्स नहीं, बल्कि ‘एचिलेस हील’, बहरूपिये को बेनकाब किए जाने तक इंतजार कीजिए।
आज़ाद ने एक ट्वीट में कहा कि रविवार शाम को चार बजे ऑडियो-विजुअल के साथ सबसे बड़े डीडीसीए भ्रष्टाचार का खुलासा करेंगे। आजाद ने अटल बिहारी वाजपेयी की कविता का उल्लेख करते हुए कहा कि वह आगे बढ़ेंगे और हार नहीं मानेंगे।
दूसरी ओर भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने शुक्रवार को भाजपा सांसद को तलब कर उनसे अपने खुलासे पर आगे नहीं बढ़ने को कहा था। वहीं आम आदमी पार्टी लगातार डीडीसीए के मुद्दे पर जेटली पर निशाना साध रही है।

नेशनल हेराल्ड केस: दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में सोनिया और राहुल की पेशी आज

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी की शनिवार की पेशी के मद्देनजर पटियाला हाउस न्यायालय की सुरक्षा शुक्रवार को बढ़ा दी गई।

अधिकारियों ने कहा कि विशेष सुरक्षा गार्ड (एसपीजी) और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने न्यायालय परिसर का दौरा किया और पूरे परिसर की सुरक्षा बंदोबस्त का निरीक्षण किया।

परिसर के अंदर और बाहर की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए न्यायालय परिसर में 16 कैमरे लगाए गए हैं।

न्यायालय के एक अधिकारी ने कहा कि एसपीजी अधिकारियों ने पटियाला हाउस न्यायालय के जिला न्यायाधीश और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की।

एसपीजी ने महानगर दंडाधिकारी लवलीन की अदालत का भी निरीक्षण किया, जहां शनिवार को मामले की सुनवाई होनी है।

सूत्रों के अनुसार, सुरक्षा चुस्त करने के लिए अर्धसैनिक बलों को तैनात किया जाएगा। सुरक्षा अभ्यास के हिस्से के रूप में न्यायालय के बाहर आवाजाही प्रतिबंधित रहेगी।

न्यायालय ने नेशनल हेराल्ड मामले में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सुब्र२ाण्यम स्वामी की शिकायत पर शनिवार (19 दिसंबर) को सोनिया और राहुल को अदालत में पेश होने के आदेश दिए हैं।

स्वामी ने अपनी शिकायत में यंग इंडिया लिमिटेड द्वारा एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड के अधिग्रहण में धोखाधड़ी की बात कही है। यंग इंडिया लिमिटेड में सोनिया और राहुल की 38-38 प्रतिशत हिस्सेदारी है।

पिछले वर्ष 26 जून को निचली अदालत ने कांग्रेस नेताओं को इस मामले में समन जारी किया था।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को सोनिया, राहुल की वह याचिका खारिज कर दी थी, जिसमें मांग की गई थी कि निचली अदालत द्वारा उन्हें जारी समन रद्द कर दिया जाए। निचली अदालत ने बाद में मामले की सुनवाई के लिए 19 दिसंबर की तिथि तय की।