मध्यप्रदेश में सूखे से 19 हजार 900 गाँव

भोपाल। मध्यप्रदेश के 19 हजार 900 गांव सूखे की चपेट में हैं, यह बात राज्य सरकार ने स्वीकार कर ली है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिए है कि प्रदेश में सूखे से प्रभावित सभी किसानों को राहत राशि दी जाए। उन्होंने कहा कि फसल बीमा की राशि किसानों को शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शुक्रवार को प्रदेश में सूखे की स्थिति की समीक्षा करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार किसानों के साथ है। इस दौरान बताया गया कि गत खरीफ की फसल बीमा की 515 करोड़ की राशि शीघ्र करीब सवा चार लाख किसानों को वितरित की जाएगी। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार प्रदेश के 23 जिलों की 114 तहसीलों के 19 हजार 900 गाँव प्रभावित हुए हैं। इनमें फसलों से हुए नुकसान पर करीब 1650 करोड़ रूपए राहत राशि की माँग प्रभावित जिलों से की गई है। बैठक में कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन, राजस्व मंत्री रामपाल सिंह और मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जिलेवार सूखे और फसलों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि नुकसान का सर्वे वैज्ञानिक तरीके से आगामी 20 अक्टूबर तक पूरा किया जाए। जिन किसानों की फसलें खराब हुई हैं उन्हें राहत राशि उपलब्ध कराई जाए। किसानों को निराशा से निकाला जाए। जरूरतमंद किसानों को मदद करने के उदार दृष्टिकोण से कार्य करें। फसल बीमा योजना का अधिकतम लाभ किसानों को दिलाया जाए। प्रारंभिक अनुमान में प्राप्त जानकारी का एक बार फिर से परीक्षण किया जाए। केन्द्र से फसल नुकसान में सहायता के लिए मेमोरेंडम तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रधानमंत्री, केन्द्रीय वित्त मंत्री और केन्द्रीय गृह मंत्री से मिलकर प्रदेश में सूखे से हुए नुकसान की जानकारी देंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन किसानों की फसलें सूखे से प्रभावित हुई हैं उनके फसल ऋण वसूली स्थगित की जाएं। उन्हें रबी की फसल के लिए फसल ऋण उपलब्ध करवाए जाये। प्रभावित ग्रामों में राहत कार्य शुरू किए जाएं। रबी की फसलों के लिए किसानों को सिंचाई के लिए सलाह दी जाए। आगामी रबी के लिए अभी से योजना बनाकर किसानों की मदद की जाए। कृषि के लिए दीर्घकालीन योजना बनाई जाए ताकि किसानों को बार-बार होने वाली आपदाओं से बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि इस संबंध में गठित टास्कफोर्स की बैठक शीघ्र कराई जाए। प्रभावित जिलों में पेयजल की उपलब्धता का आंकलन किया जाए।

बैठक में बताया गया कि प्रारंभिक अनुमान के अनुसार सूखे से प्रदेश में सोयाबीन, उड़द, अरहर, मक्का और धान की फसलें प्रभावित हुई हैं। जिन ग्रामों में किसानों की फसलें 33 से 50 प्रतिशत तक खराब हुई हैं उनके अल्पकालीन फसल ऋणों को दो साल के लिए मध्यकालीन ऋण में तथा जिन किसानों की फसलें 50 प्रतिशत से ज्यादा प्रभावित हुई हैं उनके अल्पकालीन फसल ऋणों को तीन वर्ष के लिस मध्यकालीन ऋण में परिवर्तित किया जाएगा। मध्यकालीन अवधि में परिवर्तन होने वाले ऋण पर लगने वाले ब्याज का व्यय राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। जिन किसानों का अल्पकालीन ऋण मध्यकालीन ऋण में परिवर्तित किया जाएगा उन किसानों को वर्तमान में डिफॉल्टर नहीं मानते हुए नया ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सूखा प्रभावित ग्रामों में मनरेगा के तहत 100 दिन के बजाए 150 दिन का काम उपलब्ध कराया जाएगा। रबी 2014-15 की फसल बीमा की करीब 300 करोड़ रूपए की राशि किसानों को आगामी नवम्बर माह तक वितरित की जाएगी। पिछली रबी में 28 लाख हेक्टेयर में सिंचाई की गई थी। इस वर्ष रबी में 28 लाख 50 हजार हेक्टेयर में सिंचाई की जाएगी।

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दिलीप कुमार को मिलेगा राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान

खंडवा। मध्यप्रदेश शासन द्वारा सिनेमा की बहुआयामी विधाओं के लिए स्थापित राष्ट्रीय किशोर कुमार सम्मान वर्ष 2013-14 में निर्देशन के लिए विख्यात फिल्मकार सई परांजपे तथा 2014-15 में अभिनय के लिए शीर्षस्थ, सुप्रतिष्ठित अभिनेता दिलीप कुमार को प्रदान किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस आशय का निर्णय सम्मान के लिए गठित चयन समिति की बैठक में लिया गया जो पिछले दिनों मुम्बई में आयोजित की गयी थी।

इस समिति में विख्यात पत्रकार, फिल्मकार खालिद मोहम्मद, माधुरी पत्रिका के पूर्व सम्पादक एवं सिनेमा सलाहकार विनोद तिवारी तथा फिल्म अभिनेता गोविन्द नामदेव शामिल थे। समिति ने सर्वसम्मत निर्णय लेकर निर्देशन के क्षेत्र में भारतीय सिनेमा की महत्वपूर्ण फिल्मकार निर्देशक सई परांजपे एवं शीर्षस्थ अभिनेता दिलीप कुमार का नाम इस सम्मान के लिए अनुशंसित किया। राज्य शासन चयन समिति की सर्वसम्मत अनुशंसा को अपने लिए बंधनकारी मानता है। सई परांजपे ने सम्मान की सूचना पर सहमति प्रदान की है, उनका अलंकरण 13 अक्टूबर को खण्डवा में आयोजित एक गरिमामय समारोह में किया जा रहा है। दिलीप कुमार की ओर से सम्मान के सम्बन्ध में निर्णय की प्रतीक्षा है। यह सम्मान उन्हें उनके निवास पर समय प्रदान किए जाने पर भेंट किया जा सकेगा।

‘फोबिया’ में काम करने के लिए उत्साहित हैं राधिका आप्टे

4मुंबई। फिल्म ‘मांझी: द माउंटेन मैन’ और ‘अहिल्या’ में मुख्य भूमिका निभाने वाली अभिनेत्री राधिका आप्टे जल्द ही अपनी आगामी फिल्म ‘फोबिया’ में नज़र आएंगी। ‘फोबिया’ मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्म है जिसका निर्माण एरोस इंटरनेशनल एंड नेक्स्टजेन फिल्म्स ने मिलकर किया है।

राधिका ने कहा कि वह इस फिल्म के लिए उत्साहित हैं। उन्होंने कहा कि मुझे थ्रिलर और हॉरर पसंद हैं। इसलिए वह बहुत खुश हैं कि वे पहली बार इस शैली में काम कर रही हूं। राधिका ने कहा, ‘मैं विशेष रूप से इरोज, नेक्स्टजेन और पवन के साथ काम करने के लिए उत्साहित हूं’।

वर्ष 2011 में फिल्म ‘रागिनी एमएमएस’ का निर्देशन करने वाले पवन कृपलानी ‘फोबिया’ की शूटिंग शुरू करने जा रहे हैं। नेक्स्टजेन फिल्म्स के विकि रजानी ने इससे पहले ‘आर…राजकुमार’ और ‘टेबल नम्बर 21’ का निर्माण किया था। उनका कहना है कि टीम को राधिका के अभिनय कौशल पर विश्वास है।

रजानी ने कहा कि राधिका ने अपनी पिछली फिल्मों में अभिनय कौशल साबित किया है। मुझे यकीन है कि इस शैली में बेहतर करने के लिए वह सक्षम हैं। यह मेरे लिए भी पहला मौका है। इससे पहले पवन ने इस शैली में बेहतरीन निर्देशन किया था।

किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस का 12 अक्टूबर को प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन

राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टरों को सौपा जायेगा ज्ञापन भोपाल। काग्रेंस प्रदेश के किसानों की समस्याओं को लेकर 12 अक्टूबर को एमपी के सभी जिला मुख्यालयों में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं। प्रदेश कांग्रेस के संगठन प्रभारी महामंत्री चंद्रिका प्रसाद द्विवेदी ने प्रेस विज्ञप्ति में इंडिया वन समाचार को  बताया है कि 12 अक्टूबर को सभी जिला कांगे्रस कमेटियों द्वारा जिला मुख्यालयों पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया आयोजित जायेगा। धरना-प्रदर्शन के दौरान पार्टी द्वारा प्रदेश में किसानों से जुड़ी समस्याओं, खाद-बीज संकट, अवर्षा, अतिवृष्टि, किसानों की फसलों की बर्बादी, सूखा, मुआवजा न मिलना, कर्ज माफी, उचित सर्वे न होना, तथा प्रदेश में अराजकता का माहौल व्याप्त होने को लेकर प्रदेश के राज्यपाल रामनरेश यादव के नाम संबोधित ज्ञापन जिला कलेक्टरों को सौंपा जायेगा। द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश में आज चारों तरफ अराजकता का माहौल है, किसान पुत्र का दंभ भरने वाले प्रदेश के मुखिया शिवराजसिंह चौहान अपने आपको किसानों का पुजारी और हितैषी बताकर सत्ता में आये और आज उन्हीं पुजारियों के साथ छलावा किया जा रहा है। भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों से आज प्रदेश का किसान बर्बादी की कगार पर है। फसलों की बर्बादी, अवर्षा, कर्ज बोझ, फसल का न्यूनतम उत्पादन, उचित मुआवजा राशि न मिलना एवं सूखे की मार झेल रहे किसानों द्वारा प्रदेश में निरंतर की जा रही आत्महत्याऐं गंभीर चिंता का विषय है। द्विवेदी ने आगे कहा है कि जिला मुख्यालयों पर 12 अक्टूबर को आयोजित एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन को सफल एवं प्रभावी बनाने के लिए कांगे्रस पक्ष के सांसद, पूर्व सांसद,  विधायक, पूर्व विधायक, प्रदेश कांगे्रस पदाधिकारी, कांगे्रस पक्ष के कृषि उपज मंड़ी के अध्यक्ष/उपाध्यक्ष, जिला जनपद अध्यक्ष/उपाध्यक्ष, सहकारिता क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधि, किसान भाईयों, वरिष्ठ कांगे्रसजनों, मोर्चा संगठनों के पदाधिकारियों, जिला/ब्लाक कार्यकारिणी के पदाधिकारियों एवं कांगे्रस कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। साथ ही स्थानीय स्तर पर समाचार पत्र, इलेक्ट्रानिक मीडिया एवं प्रिंट मीडिया को भी कवरेज हेतु आमंत्रित करने का आग्रह किया है। धरना-प्रदर्शन के उपरांत प्रदेश में हुई बर्बाद फसलों के लिए किसानों को उचित मुआवजा दिये जाने संबंधी ज्ञापन राज्यपाल रामनरेश यादव के नाम संबोधित जिला मुख्यालयों पर कलेक्टरों को सौंपे जायेंगे।  द्विवेदी ने सभी जिला अध्यक्षों से उक्त कार्यक्रम की विस्तृत रिपोर्ट, समाचार पत्रों की कतरनें, छायाचित्र एवं वीडियों सीडी आदि प्रदेश कांगे्रस कार्यालय को भी अनिवार्य रूप से प्रेषित करने का आग्रह किया है।

दादरी पर पीएम ने तोड़ी चुप्पी, बोले सद्भाव से ही आगे बढ़ेंगे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि देशभर के हिंदू और मुसलमान गरीबी के खिलाफ लड़ें। एकता ही उन्हें आगे ले जाएगी।

गुरुवार को बिहार के नवादा में आयोजित चुनावी रैली में उन्होंने कहा, ‘देशवासी छोटे-मोटे स्वा‌र्थों के लिए बयानबाजी करने वाले नेताओं की बातों पर ध्यान न दें। खुद नरेंद्र मोदी भी ऐसी बाते कहें तो ना सुनें। उन्हें सुनना है तो राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के कल के बयान पर ध्यान दें।’

प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने हमें रास्ता दिखाया और उसी रास्ते पर चलना होगा। मोदी ने कहा कि देश एकता, सद्भाव और शांति के बिना आगे नहीं बढ़ सकता। दादरी में हुई इखलाक की हत्या के बाद से ही प्रधानमंत्री मोदी से बयान की मांग की जा रही थी। नवादा में दिए गए उनके भाषण को दादरी मामले पर ही टिप्पणी माना जा रहा है।

1 लाख 84 हजार माइनर केस होंगे वापस : गौर

उज्‍जैन। मध्‍यप्रदेश के गृहमंत्री बाबूलाल गौर ने कहा कि प्रदेश में तीन साल से कम सजा और जुमाने वाले एक लाख 84 हजार माइनर केस वापस लिए जाएंगे। इससे फायदा होगा कि छोटे कसों में ज्‍यादा समय नहीं बिगड़ेगा और बड़े केसों का निपटारा हो सकेगा। वे उज्‍जैन सिंहस्‍थ के कार्यों की समीक्षा करने पहुंचे थे इस दौरान उन्‍होंने पुलिस कंट्रोल रूम में अधिकारियों की बैठक भी ली।

लालू यादव को लिखा पत्र

बाबूलाल गौर ने बिहार के पूर्व सीएम लालू प्रसाद यादव के बीफ पर दिए बयान की निंदा की। उन्‍होंने कहा कि मैंने उन्‍हें पत्र लिखकर आत्‍म निंदा करने को कहा है। कोई भी हिंदू गौ मांस नहीं खाता, यदु वंशी गाय की रक्षा करते हैं।

बिहार में इस बार किसकी सरकार बनेगी इस सवार के जवाब में बाबूलाल गौर ने कहा कि ‘मैंने बिहार का दौरा नहीं किया है, अभी कुछ नहीं कह पाऊंगा कि कौन जीतेगा। वहां का दौरा करने के बाद ही मैं बता पाऊंगा।’ प्रदेश में खुलेआम गाय कटने और उनके मांस की बिक्री पर किए सवाल को गृहमंत्री टाल गए। उन्‍होंने कहा कि जो बोल दिया वो बहुत है।