भोग के भूखें नही होते भगवान

भरतपुर। इंदिरा नगर हीरादास चौराहे के पास चल रही श्रीमद् भागवत कथा के कथा वाचक पं. गिरधर लाल ने भगवान और भक्त के बीच संबंधों पर चर्चा की । प्रवचन करने गिरधर लाल ने कहा कि भगवान भोग के नहीं भाव के भूखे होते उन्हें।श्रद्धा ,भक्तिपूर्ण तरीके से भोग लगाने वाले भक्त का कल्याण अवश्य होता है।उन्होनें इस संबंध में एक कथा सुनाई ।उन्होनें कहा कि भगवान भोग के नहीं वरन भाव के भूखे होते है क्योंकि भगवान अगर भोग के भूखे होते तो गरीबों का तो नंबर ही नहीं आता। कथा के बीच-बीच में भजनों की ब्यार बहती रही थी जिस पर भक्त और महिलाऐं भक्तिभाव में विभोर होकर नाचने लगें

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ओबामा का बड़ा बयान, IS के संक्रमण से अपने बच्चों को बचाए मुस्लिम समुदाय।

अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक बड़ा बयान दिया है। अपने इस बयान में उन्होंने मुस्लिम समुदाय को संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि खूंखार आतंकी संगठन आईएसआईएस के संक्रमण से मुस्लिम समुदाय को अपने बच्चों के बचाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि पेरिस हमलों को लेकर मुस्लिम समुदाय उतनी निंदा नहीं कर रहा है जितनी होनी चाहिए।

बता दें कि ओबामा का यह बयान ऐसे मौके पर आया है कि जब पेरिस को दहलाने वाले आतंकी संगठन ISIS ने आज सुपर पावर अमेरिका को धमकी दे डाली। ISIS ने एक धमकी भरा वीडियो जारी कर कहा है कि वो वॉशिंगटन में भी पेरिस जैसे हमले करेगा। इसके साथ ही ISIS ने यह भी कहा है कि वो सीरिया में हो रहे हवाई हमलों में शामिल सभी देशों पर ऐसे ही हमले करेगा।

अधिकारियों को शुभकामनाओं के साथ मिल रही गिफ्ट्स

भोपाल। कार्तिक मास की अमावस्या के दिन पूरे देश में दीपावली पर्व की धूम रहेगी। पर्व मनाने को लेकर हर वर्ग ने अपने-अपने स्तर पर तैयारियां कर रखी हैं। हर बार की तरह इस बार भी शासकीय विभागों के अधिकारियों व वरिष्ट प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ अन्य कर्मचारियों की दीपावली और अधिक रोशन होगी, क्योंकि ये लोग तो दीपावली पर उपहारों से नवाजे जा रहे हैं। दीवाला तो प्रदेश के उन अन्नदाताओं के लिए है, जो विगत 4-5 वर्षों से प्राकृतिक आपदाओं का कोपभाजन बनकर मुआवजा पाने दर-दर भटक रहे हैं।

विगत दो-तीन दिनों से बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के शासकीय आवासों पर विभाग प्रमुखों व अन्य महत्वपूर्ण अधिकारियों का तांता लगा हुआ है। सभी साहब को दीपावली की अग्रिम शुभकामनाएं देने पहुंच रहे हैं। दफ्तर में पहुंचे तो और बात है पर जब घर पर जायेंगे तो कोई न कोई नजराना तो साथ होगा ही। जितने लोग भीतर जाते दिखे सभी के हाथों में पैकेट तो थे पर पैकेट के भीतर क्या है ये साहब और देने वालों को ही पता होगा। इसी प्रकार, छोटे कर्मचारियों को भी सरकार ने 6 प्रतिशत डीए बढ़ाकर दीपावली का तोहफा दिया है। वहीं, अपने विभाग से उन्हें दिवाली गिफ्ट मिल गए हैं।

नापतौल निरीक्षकों को दोषी व्यापारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश

दीपावली के त्यौहार को देखते हुए भोपाल में नाप तौल निरीक्षकों को गड़बड़ी पाये जाने पर दोषी व्यापारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। खाद्य-नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग ने उपभोक्ताओं को नाप तौल में गड़बड़ी होने पर नाप तौल निरीक्षक से मदद लेने का आग्रह किया है। भोपाल संभाग में नाप तौल गड़बड़ी में पिछले 6 माह में दोषी व्यापारियों से दण्ड स्वरूप 75 लाख की राशि अर्जित की गयी है।

दीपावली के त्यौहार के मौके पर मिठाई, गिफ्ट और सराफा दुकान में अत्यधिक भीड़ होने से उपभोक्ता के शोषण की संभावना ज्यादा बनी रहती है। उपभोक्ता खरीदी के दौरान सजग रहें। उपभोक्ताओं को सलाह दी गयी है कि वे मिठाई खरीदते वक्त इस बात का ध्यान रखें कि डिब्बे का वजन अलग से लिया जाये। पेकिंग वस्तुओं में अधिकतम फुटकर कीमत, बेच नम्बर और पेकिंग तिथि को आवश्यक रूप से देखा जाये।

मुख्यमंत्री चौहान को स्काउट एवं गाईड्स ध्वज लगाया

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आज यहाँ स्काउट एवं गाइड के स्थापना दिवस पर ध्वज लगाया गया। इस अवसर पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और सांसद श्री नंदकुमार सिंह चौहान भी उपस्थित थे।

17 साल से बंद पड़ी कॉलेज की मशीनें

पन्ना । 1998 में टेक्निकल कॉलेज पॉलीटेक्निक को हैण्ड ओवर कर दिया गया, तब से यहां मैकेनिकल व्यवसाय पाठ्यक्रम बंद हो गया। करीब 17 साल गुजरने के बाद लाखों की लागत से खरीदी गई मैकेनिकल मशीन धूल और जंग खा रहीं हैं। कई मशीनें तो जाम तक हो चुकी हैं इसके बावजूद भी छात्र बंद मशीनों से प्रशिक्षण ले रहे हैं। पॉलीटेक्निक कालेज में लाखों रूपये लागत की मैकेनिकल मशीनों की हालत खराब है।

एक अनुमान के मुताबिक एक मशीन की कीमत 4 से 5 लाख रूपये हो चुकी है इसका कारण भी है कि जब टेक्निकल कालेज था तब इन मशीनों को उपयोग में लाया जाता रहा और प्रशिक्षणार्थी इन्ही मशीनों के सहारे प्रेक्टिकल करते रहे, मगर 1998 में उक्त व्यवसाय पाठ्यक्रम बंद कर पॉलिटेक्निक को हैण्ड ओवर कर दिया गया, जहां कम्प्यूटरीकृत कोर्स का प्रशिक्षण दिया जाने लगा और इन मशीनों का उपयोग होना बंद कर दिया गया।

पूर्व मंत्री ने फिर कराई शुरूआत

विधानसभा पवई क्षेत्र के पूर्व कृषि राज्य मंत्री ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह ने अपने पवई विधानसभा क्षेत्र में पॉलीटेक्निक का शुभारंभ कराया, लेकिन क्षेत्र में संस्था को भवन उपलब्ध न हो सका, जिसके लिये पन्ना पॉलीटेक्निक में ही इसका संचालन कराया गया। जहां मेकेनिकल कोर्स के अलावा अन्य कोर्स भी चले, मगर मैकेनिकल के नाम पर कुछ भी नहीं रहा तो पढऩे वाले छात्र किस चीज से प्रशिक्षण दिया जाता रहा। पन्ना पॉलीटेक्निक के नाम पर बंद मशीन दिखाकर इन्हें प्रशिक्षण दिया जाता रहा। पन्ना पॉलीटेक्निक में भले ही उक्त व्यवसाय पाठ्यक्रम बाद में बंद हो गये हों, लेकिन पवई में मैकेनिकल का कोर्स चार वर्षों से चल रहा है जहां न भवन है और न स्टॉफ अब आप खुद अनुमान लगा सकते हैं, कि पवई पॉलीटेक्निक के छात्र क्या क्या पढ़ते हैं।

17 साल से कटा विद्युत कनेक्शन

इस संबंध में पवई पॉलीटेक्निक के प्राचार्य ने बताया कि अभी तक उक्त मशीनें पवई को हैण्डओवर नहीं की गई, विद्युत कनेक्शन कटा हुआ है। भारी मशीनों को चलाने के लिए तीन फेस का कनेक्शन चाहिए, जिसके लिये विद्युत मंडल से चर्चा की गई लेकिन, कितना बकाया है, यहां इसका कोई रिकोर्ड उपलब्ध न हो सका तो वही विद्युत मंडल में रिकार्ड की माने तो 2 लाख रूपये की राशि बकाया है । पवई पॉलीटेक्निक संस्था को चालू हुये चार वर्ष हो चुके हैं।

पूर्व मंत्री के कार्यकाल में इनकी विधानसभा में इसका शुभारंभ तो कर दिया गया लेकिन संस्था के लिये भवन उपलब्ध नहीं कराया गया। शासन द्वारा भवन के लिये जमीन और निर्माण के लिये लगभग 7 करोड़ 81 लाख भी विभाग द्वारा भवन का निर्माण नहीं कराया जा सका। जिस स्थान पर पॉलीटेक्निक भवन बनकर तैयार होना था उस जगह लोगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया। संस्था के प्राचार्य ने इसकी शिकायत भी की, लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग अतिक्रमण न हटा सका, बाद में संस्था के स्टाफ ने खुद अतिक्रमण हटाने का काम कर भवन निर्माण कराये जाने का दबाव विभाग पर बनाया, तब कहीं जाकर निर्माण कार्य शुरू हो सका।

कहां बैठे 160 विद्यार्थी

करीब चार वर्षों बाद पवई क्षेत्र में पॉलीटेक्निक कालेज की नीव डाली गई, जिसमें मैकेनिकल के अलावा अन्य व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को प्रशिक्षण दिया जाना था, लेकिन शासन ने तो शुभारंभ कर दिया मगर उक्त संस्था को भवन मुहैया न करा सका और न ही व्यवसायिक पदो की पूर्ति कर सका। ऐसे में लगभग 160 प्रशिक्षर्थी कहां पढ़ते होंगे और किस चीज का पे्रक्टिकल करते होंगे, अनुमान लगाया जा सकता है। लेकिन संस्था द्वारा पवई पॉलीटेक्निक के छात्र पन्ना पॉलीटेक्निक में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं, जिन्हें काफी कठनाइयों उठानी पड़ती हैं। इस संबंध में पवई का और काम पन्ना में क्षेत्रवासी अपने क्षेत्र में इसका संचालन कराना चाहते हैं ताकि इनके बच्चों को कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।

ई-कार्ड से राशन मिलने से बंद होगी गड़बड़ी

संचालक के अलावा अन्य नहीं शुरू कर सकेगा मशीन

भोपाल । मध्यप्रदेश में अब जल्द ही आम जनता को ई-कार्ड से राशन मिलने लगेगा। राशन की कालाबाजारी रोकने की सरकार की ई कार्ड योजना अब जल्द ही मूर्त रूप लेने जा रही है। जिले की पांच दुकानों पर योजना की मशीन को लगाकर राशन का वितरण आरंभ भी कर दिया गया है। मशीन को खोलने के लिए दिए गए पासवर्ड का उपयोग कर संचालक ही उसे शुरू कर सकेगा। इसी तरह पर्ची में शामिल नाम में से कोई व्यक्ति ही अपना अंगूठा लगाकर या आईडी से पहचान सामने आने पर ही राशन ले सकेगा।

ई राशन कार्ड की तैयारी जिले में पूरी तरह से की जा चुकी है। वर्ष 2018 तक सभी कार्डधारियों को ई राशन कार्ड देने के साथ ही दुकानों पर अंगूठे के निशान और आईडी से ही राशन दिया जाएगा। सहायक आपूर्ति अधिकारी श्री शर्मा के अनुसार वर्तमान मे योजना को लेकर प्रायोगिक तौर पर पांच दुकानों पर दिल्ली से आई मशीनें स्थापित की गई हैं। इन मशीनों को संचालक दिए गए पासवर्ड से ही आरंभ कर सकता है।

इसी तरह कार्ड धारक के परिजन में से किसी के आने पर ही राशन दिया जाएगा। अन्य व्यक्ति यदि पर्ची लेकर आता है, तो इस मशीन में लोड डाटा से उसके आईडी की पहचान नहीं होने पर दुकानदार राशन नहीं देगा। इसी तरह भविष्य में आधार और अंगूठा निशान मिलान होने पर ही राशन मिल सकेगा। शर्मा के अनुसार राशन की कालाबाजारी रोकने व गरीबों को उनके हक का राशन मिल सके इसके लिए शासन ने यह योजना आरंभ की है।

सॉफ्टेवयर पर ऑनलाईन दर्ज करायें- कलेक्टर

शासन द्वारा चलाये जा रहे विशेष अभियान तहत जाति प्रमाण पत्रों को जिले के समस्त विकासख्ण्ड ोत समन्यक आगामी ५ नवम्बर तक शेष बचे आवेदन पत्रों को शत-प्रतिशत तैयार कराकर संबंधित केन्द्रों को उपलब्ध कराये और समस्त लोक सेवा केन्द्रों के संचालक कक्षा १ के सभी आवेदन पत्र लोक सेवा प्रबंधन विभाग के सॉफ्टेवयर पर ऑनलाईन दर्ज करायें।

यह बात गत दिवस कलेक्टर डॉ. श्रीनिवास शर्मा ने विशेष अभियान के तहत जाति प्रमाण पत्रों को तैयार किये जाने संबंधी बैठक में अधिकारियों एवं लोक सेवा केन्द्र के संचालकों से कही। बैठक में सीईओ जिला पंचायत डॉ. जगदीश जटिया, अपर कलेक्टर अनिल शुक्ला, संयुक्त कलेक्टर नंदा कुशरे, एसडीएम दमोह राकेश कुशरे, एसडीएम हटा नंदलाल सामरथ, एसडीएम पथरिया एस.के.अहिरवार, एसडीएम तेन्दूख़ेडा डॉ. सी.पी.पटैल सहित जिले के समस्त लोक सेवा केन्द्रों के संचालक मौजूद थे।

कलेक्टर डॉ.शर्मा ने लोक सेवा केन्द्रों के संचालकों को विशेष अभियान २०१४-१५ अंतर्गत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) द्वारा जाति प्रमाण पत्र के आवेदन पत्रों का निराकरण कर जारी किये गये जाति प्रमाण पत्रों (हिन्दी, अंग्रेजी) को नियमानुसार ङ्क्षप्रट एवं लेमीनेशन कराकर ७ नवम्बर तक संबंधित बीईओ, बीआरसी, जन शिक्षा केन्द्रों को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने तथा लोक सेवा केन्द्र हटा द्वारा जाति प्रमाण पत्रों के ङ्क्षप्रङ्क्षटग, लेमीनेशन के कार्य में प्रगति न होने पर संचालक लोक सेवा केन्द्र हटा को कारण नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी एसडीएम को लंबित आवेदन पत्रों के त्वरित निराकरण करने निर्देश दिये।

सीईओ जिला पंचायत डॉ. जगदीश जटिया ने समस्त विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी एवं विकासखण्ड ोत समन्वयक को निर्देशित किया कि आगामी ५ नवम्बर तक विद्यालय वार शेष बचे आवेदन पत्रों को शत प्रतिशत तैयार कराकर संबधित लोक सेवा केन्द्रों को उपलब्ध करायें। उन्होंने समस्त लोक सेवा केन्द्रों के संचालकों से कहा ५ नवम्बर तक विशेष अभियान २०१४-१५ अंतर्गत प्राप्त होने वाले समस्त आवेदन पत्रों को लोक सेवा प्रबंधन विभाग के साफ्टवेयर पर ऑनलाईन दर्ज करायें। उन्होंने बताया जिले में अनुविभाग स्तर पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) दमोह १०८८, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) हटा ६५, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तेन्दूख़ेडा ७२४ तथा अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पथरिया ५९ आवेदन पत्र लंबित है।

६ नवम्बर को पुन: होगी समीक्षा
उन्होंने कहा विशेष अभियान तहत जाति प्रमाण पत्रों के संबंध में दिये गये निर्देशों पर की गई कार्यवाही के संबंध में ६ नवम्बर को प्रात: ११ बजे से पुन: समीक्षा की जायेगी। बैठक में सभी संबंधितों उपस्थित होने के लिये निर्देशित किया गया।

रतलाम-झाबुआ की जनता भाजपा को सिखायेगी तीखा सबक

रतलाम-झाबुआ की जनता भाजपा को  सिखायेगी तीखा सबक
भारी जनसमुदाय के बीच कांगे्रस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया
ने जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष किया नामांकन दाखिल
महेंद्र सिंह संवाददाता
भोपाल । प्रदेश में होने जा रहे रतलाम-झाबुआ संसदीय उपचुनाव निर्वाचन क्षेत्र के लिए कांगे्रस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया ने आज जिला निर्वाचन अधिकारी, झाबुआ के समक्ष कांगे्रस के अ.भा. प्रभारी महासचिव मोहन प्रकाश, प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष अरूण यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचैरी एवं पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजयसिंह सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं, विधायकों, पूर्व सांसद, प्रदेश कांगे्रस पदाधिकारियों एवं हजारों की संख्या में पार्टीजनों की मौजूदगी में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
नामांकन पत्र दाखिले के बाद महती चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उक्त सभी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि असहिष्णुता के माहौल, महंगाई, तुअर दाल सहित अन्य खाद्य पदार्थों की कीमतांे में उत्तरोत्तर वृद्धि, भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था, साम्प्रदायिक तनाव, मुनाफा-जमाखोरी, किसानों द्वारा की जा रही आत्महत्याऐं, बेरोजगारी, महिलाओ, दलितों (अजा-अजजा), अन्य पिछड़ा वर्ग पर बढ़ते अत्याचार, बलात्कार, सामूहिक बलात्कार, यौनाचार जैसे गंभीर मुद्दों से तंग देश-प्रदेश और रतलाम-झाबुआ की जागरूक जनता आने वाले दिनों में भाजपा को तीखा सबक सिखायेगी।
सभी वरिष्ठ कांगे्रस नेताओं ने एक स्वर मंे प्रदेश भर में हजारों किसानों द्वारा फसलों की बर्बादी और राज्य सरकार की अकर्मण्यता को लेकर की जा रहीं आत्महत्याओं के नहीं थमने वाले दौर पर निशाना साधते हुए कहा कि दिवालिया सरकार के मुखिया शिवराजसिंह चैहान सिर्फ शब्दबाणों से किसानों के आंसू पौछने की नाकाम कोशिशें कर रहे हैं। निरंतर छह वर्षों से बर्बाद हो रहे किसानों को मुआवजे के नाम पर सिर्फ ठेंगा दिखाया जा रहा है। मुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के पास सरकार के खजाने से विदेशों में घूमने के लिए पैसा है, प्रधानमंत्री 19 महीने में 22 देशों की यात्राऐं कर करीब 30 हजार करोड़ रूपयों की खैरात बांट आये हैं, परन्तु मप्र के किसानों को मुआवजा, ऋण माफी और बिजली के बिली की माफी के लिए पैसा नहीं है। ‘‘अच्छे दिन लाने’’ का दावा सिर्फ जुमला ही साबित हुआ है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी विदेश से काला धन वापिस लाकर हर नागरिक के खाते में 15 लाख रूपये जमा करने का दावा कर रहे थे, यह भी एक जुमला ही था, किंतु म.प्र. में एक गरीब बच्चे द्वारा मात्र एक रूपया मांगने पर उसे मंत्री की लात खाना पड़ी, शायद भाजपा के लिए अच्छे दिनों की यही परिभाषा है। नेताओं ने कहा कि रतलाम-झाबुआ और देवास निर्वाचन क्षेत्रों में हो रहे उपचुनाव भाजपा को उसकी हैसियत दिखा दंेगे।
इस अवसर पर कांगे्रस प्रत्याशी कांतिलाल भूरिया ने भी संबोधित कर मतदाताओं से क्षेत्र के विकास के लिए न केवल आशीर्वाद मांगा, बल्कि विश्वास भी दिलाया कि विकास और प्रगति के हर आयामों को मैं अपनी राजनैतिक कार्यशैली के अनुरूप सार्थकता प्रदान करूंगा।